प्रयागराज, 16 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के पत्रकार की 80 हजार रुपये की जबरन वसूली करने के आरोप में भोजपुर थाने में दर्ज आपराधिक मामले में अग्रिम सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। और व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर ट्रायल पूरा होने तक रिहा करने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने कासिम अली की अर्जी को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि उसने खनन माफिया से पुलिस की मिली भगत की खबरें छापीं। इससे नाराज पुलिस वालों ने अपने आदमी से 80 हजार रुपये जबरन वसूली के आरोप में फंसाया है।
आरोप है कि हाजी शकील के घर पर मोसिन को पैसे दिए गए। जबकि इन दोनों से याची का कोई सम्बंध नहीं है और न ही वह शिकायतकर्ता को जानता है। सरकारी वकील का कहना था कि याची ने धन की उगाही की, किंतु माना कि रुपये याची को नहीं दिए गए थे। यह भी माना कि वह रिपोर्टर है। उसने खनन माफिया के खिलाफ खबरें छापी हैं।
कोर्ट ने कहा याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसने खनन माफियाओं के खिलाफ खबर छापी। ऐसे में वह अग्रिम जमानत पाने का हकदार है।