वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अगली सुनवाई 9 फरवरी को

नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई टाल दी। स्पेशल जज राकेश स्याल ने मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को करने का आदेश दिया।

आज इस मामले का कोई आरोपी पेश नहीं हुआ। तिहाड़ जेल की ओर से कोर्ट को सूचित किया गया कि गणतंत्र दिवस समारोह की वजह से कोर्ट में आरोपितों को पेश नहीं किया जा सका है। उसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 09 फरवरी को करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से पेश वकीलों ने दस्तावेजों की स्क्रूटनी के लिए समय देने की मांग की, क्योंकि दस्तावेजों की संख्या काफी ज्यादा है। वकीलों की मांग को कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

कोर्ट ने 19 जनवरी को ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने सभी आरोपितों को आज कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आरोपितों जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर के अलावा पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर के खिलाफ समन जारी किया था। ईडी ने 09 जनवरी को चार्जशीट दाखिल की थी। करीब पांच हजार पेज के चार्जशीट में ईडी ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है उनमें जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर हैं। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित बनाया है।

इस मामले में पहले सीबीआई ने केस दर्ज की थी। सीबीआई के केस में आप विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई ने इस मामले में 23 नवंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची, जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।