नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने डॉक्टर सुसाइड मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। आज दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी हो गईं। स्पेशल जज एमके नागपाल ने 27 जनवरी को फैसला सुनाने का आदेश दिया। इस मामले में आप विधायक प्रकाश जारवाल भी आरोपित हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से आज वकील मनीष रावल, आरोपित प्रकाश जारवाल की ओर से वकील एसपी कौशल, आरोपितों कपिल नागर और हरीश कुमार की ओर से वकील रवि द्राल ने दलीलें रखीं। इस मामले में 25 अगस्त, 2023 को दोनों पक्षों की ओर से गवाहों के बयान पूरे हो गए थे। 11 नवंबर, 2021 को कोर्ट ने इस मामले के आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किया था। कोर्ट ने हरीश जारवाल को सुसाइड के लिए उकसाने के आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने प्रकाश जारवाल और कपिल नागर के खिलाफ आईपीसी की धारा 386, 384, 506 और 120बी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आरोपित हरीश जारवाल को धारा 306 और 386 के आरोपों से मुक्त कर दिया जबकि धारा 506 का आरोप तय करने का आदेश दिया था।
28 अगस्त, 2021 को दिल्ली पुलिस ने प्रकाश जारवाल समेत तीन आरोपितों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में प्रकाश जारवाल के अलावा कपिल नागर और हरीश कुमार जारवाल को आरोपित बनाया गया है। मामले में प्रकाश जारवाल को मुख्य आरोपित बनाया गया है। तीनों आरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
18 अप्रैल, 2020 को डॉक्टर राजेंद्र सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। डॉक्टर ने अपने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी की थी। पुलिस ने डॉक्टर के यहां दो पेज का एक सुसाइड नोट बरामद किया था। सुसाइड नोट में प्रकाश जारवाल और कपिल नागर को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की, जिसमें डॉक्टर के कुछ पानी के टैंकर जल बोर्ड में चलने की बात कही गई है। डायरी में उन टैंकर्स के लिए प्रकाश जारवाल पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है।