नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित प्रेमोदय खाखा के दो बच्चों को अग्रिम जमानत

नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने अपने दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपित दिल्ली सरकार के अधिकारी प्रेमोदय खाखा के दो बच्चों को अग्रिम जमानत दे दी है। जस्टिस सीटी रवि कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने खाखा की बेटी और बेटे को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।

11 अक्टूबर 2023 को दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रेमोदय खाखा की बेटी और बेटे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके पहले प्रेमोदय खाखा की बेटी और बेटे को तीस हजारी कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक खाखा की बेटी पर अपराध के लिए उकसाने का आरोप है। खाखा पर आरोप है कि नाबालिग लड़की के साथ नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म किया।

इस मामले में खाखा को पुलिस ने 21 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में है। खाखा की पत्नी सीमा रानी भी न्यायिक हिरासत में है, उस पर लड़की का गर्भपात कराने के लिए उसे दवा देने का आरोप है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक पीड़िता के पिता की एक अक्टूबर 2020 में मौत हो गई थी, जिसके बाद खाखा ने उसे अपने घर उसकी देखभाल के लिए बुला लिया था। पीड़िता खाखा को मामा कहकर बुलाती थी। खाखा की पत्नी ने पीड़िता को गर्भ हटाने वाली गोली खिलाई थी।

दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एफ), 509, 506, 323, 313, और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। खाखा दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में डिप्टी डायरेक्टर था। मामला सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है।