सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत 17 जनवरी तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत याचिका पर अब 17 जनवरी को सुनवाई करेगा। आज ईडी की ओर से एएसजी एसवी राजू ने दलीलें रखीं। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली बेंच ने सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत भी 17 जनवरी तक के लिए बढ़ाने का आदेश दिया।

आज सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि जेपी मोहता सत्येंद्र जैन के सीए थे और उन्होंने ही कंपनियों का प्रबंधन किया। ईडी के मुताबिक कि वो नकदी को सफेद धन में बदलना चाहते थे। राजू ने कहा कि मोहता ने जैन को बताया कि उनका कलकत्ता में कुछ कनेक्शन है और वहां से निवेश किया जाएगा और कुछ ब्याज दिया जाएगा। यह सभी शेल कंपनियां हैं। यही केस का मुख्य बिंदु है। तब जस्टिस त्रिवेदी ने पूछा कि तो आप यह कहना चाहते हैं कि शेयर बढ़ाने से उनको लाभ मिला।

सुनवाई के दौरान जस्टिस पंकज मित्तल ने कहा कि लेकिन जैन कभी भी कंपनी के निदेशक नहीं रहे। तब राजू ने कहा कि सत्येंद्र जैन ही वास्तव में कंपनी के प्रभारी थे, अंकुश और वैभव जैन केवल डमी ही थे, जिन्हें बैक-डेटेड दस्तावेजों के माध्यम से नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने पूछा कि हमें बताएं कि वह कैसे काम करते थे। तब राजू ने कहा कि वह हवाला के जरिए काम करते थे। उन्होंने कहा कि अगर आप कोलकाता से दिल्ली भेजना चाहते हैं, वाहक को पता नहीं चलेगा, बस एक करेंसी नोट दिखाना होगा। राजू ने बताया कि असल में अंकुश और वैभव जैन ने सत्येंद्र जैन के बकाये पर कर का भुगतान किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों होगा जब तक कि पैसा सत्येन्द्र जैन का न हो। दरअसल, यह एक आपस में जुड़ा हुआ परिवार है।

सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने 9 जनवरी को दलीलें पूरी कर ली थी। सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने पहले कहा कि जैन की कंपनियों में शेयरहोल्डिंग है और अब कह रही है कि नियंत्रण है। सिंघवी ने कंपनियों के वित्तीय नतीजे का हवाला देते हुए कहा था कि जैन का कंपनी पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा था कि सीबीआई ने कहा है कि एक करोड़ 53 लाख रुपये का अपराध है लेकिन ईडी कहती है कि 4 करोड़ 61 लाख रुपये का अपराध है। हालांकि दोनों ही आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा था कि जैन का कंपनी में रोल केवल आर्किटेक्ट का था।

सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई, 2023 को ईडी को नोटिस जारी किया था। जैन की ओऱ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जैन के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था और कहा कि जेल में जैन का वजन 35 किलोग्राम कम हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2023 को सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि सत्येंद्र जैन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और वो गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। 17 नवंबर, 2022 को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ईडी ने सत्येंद्र जैन को 30 मई, 2022 में गिरफ्तार किया था।