बनबसा : पुलिस और एसओजी ने 50 लाख की चरस के साथ पकड़े दो अंतरराज्यीय तस्कर

बनबसा(चंपावत) 11 फरवरी (हि.स.)। पुलिस और एसओजी की टीम ने नशा के सौदागरों पर कड़ा प्रहार करते हुए दो अंतर्राज्यीय तस्करों को करीब 50 लाख रुपये की चरस के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से 25 किलो 687.5 ग्राम चरस बरामद की है।

तस्कर चरस को लग्जरी होंडा सिटी कार में ले जा रहे थे। चरस छिपाने के लिए उन्होंने कार को मॉडीफाइ कर गुप्त केबिन बनवाया था। एसपी ने चरस की अब तक की सबसे बड़ी खेप की बरामदगी करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

पुलिस और एसओजी की टीम ने शनिवार को संयुक्त चेकिंग के दौरान कमलपथ टनकपुर-खटीमा राष्ट्रीय राज मार्ग पर कार होंडा सिटी यूके07/एवाई1771 चैकिंग के लिए रोका। जांच करने पर कार के अन्दर से मादक पदार्थ की गंध महसूस हुई संदिग्ध प्रतीत होने पर कार ड्राइवर व कार में बैठे व्यक्ति को कार सहित पकड़ लिया। नाम व पता पुछने पर ड्राइवर ने अपना नाम 30 वर्षीय विशाल गुप्ता उर्फ रानू पुत्र नरेश गुप्ता निवासी नियर बिजली घर ग्राम बिनावर थाना बिनावर जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश बताया। पीछे सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम विरेश कुमार गुप्ता पुत्र श्याम चन्द्र गुप्ता निवासी ग्राम पापड़ हमजा पुर थाना दातागंज जिला बदायूं,उत्तर प्रदेश उम्र 48 वर्ष बताया।

सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपने पास चरस होना बताया। इस पर तत्काल नियामानुसार राजपत्रित अधिकारी सीओ टनकपुर शिवराज सिंह राणा को मौके पर बुलाकर उनके समक्ष नियमानुसार पूछताछ और दोनों की तलाशी ली तो विशाल गुप्ता उर्फ रानू ने कार के चेचिस के नीचे बने तस्करी के लिए इस्तेमाल करने वाले अतिरिक्त मॉडीफाइ केबिन से 16 पारदर्शी पन्नियों के बन्डल सें 15 किलो 747.50 ग्राम चरस को स्वयं निकलकर बरामद करायी। पीछे की सीट पर बैठे अभियुक्त विरेश कुमार गुप्ता के बैग से 10 पारदर्शी पन्नियों के बन्डल से 09 किलो 940 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने कार को कब्जे मे लेकर दोनों को नियामानुसार गिरफ्तार किया।

पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि उनके द्वारा तस्करी हेतु और पुलिस से बचने के लिए कार के चेचिस के नीचे यह मोडिफाइड केबिन बरेली में बनवाया था। अभियुक्तों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए थाना बनबसा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/60 में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वह नेपाली तस्कर साथियों से चरस ले जाकर बदायूं बरेली में ऊंचे दामों पर बेचकर पैसा कमाते हैं। यह चरस नेपाली तस्कर देकर गयें थे चरस को जनपद बदायूँ लेकर जा रहे थे कि पकड़े गये

पुलिस ने बताया कि यह बरामदगी विगत 10 वर्षों में जनपद की सबसे बड़ी रिकवरी है। उत्तराखंड राज्य में वर्ष 2024 की अब तक की सबसे बड़ी खेप है बरामद चरस की अन्तरराष्ट्रीय कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है अन्य अंतर्राज्यीय नशा तस्कर व नशे के कारोबार में लिप्त अपराधी व नशा कारोबार सें जुड़े तस्करों के मददगार पुलिस एवं एसओजी टीम के रडार पर हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की संपत्ति और नशा कारोबार कर अर्जित संपत्ति का भी पता लगाया जा रहा है। अर्जित अवैध संपत्ति के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।