–प्रधानमंत्री, संतों मनीषियों का किया धन्यवाद
कुशीनगर, 09 फरवरी (हि.स.)। मां नारायणी सामाजिक कुंभ के तीसरे दिन प्रस्ताव सत्र में डा. सत्येंद्र गिरी ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया जिसका हरिलाल दास ने समर्थन किया। इसके बाद ओम की ध्वनि से प्रस्ताव को सभी संतो के द्वारा पारित किया गया। प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्रवीण गुंजन ने कहा कि अयोध्या धाम में भव्य श्रीराम मंदिर में भगवान राम की ”प्राण-प्रतिष्ठा” का उत्सव पूरे देश में एक त्यौहार की भांति मनाया गया। देश ही नहीं, वरन् पूरे विश्व में रामभक्तों ने पूरी श्रद्धा एवं भक्ति से इस पुनीत अवसर में भागीदारी की। देश के कोने-कोने में, हर गांव, नगर एवं महानगर में एक अभूतपूर्व उत्साह एवं उत्सव के वातावरण से पूरे देश में एक नई ऊर्जा जागृत हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हर मंदिर में ”स्वच्छ तीर्थ अभियान”, ”प्राण-प्रतिष्ठा” के शुभ-अवसर पर पूजन-हवन, भंडारा एवं संध्या में घर-घर ”रामज्योति” के प्रकाश में पूरे देश में ”दीपावली” मनाई गई। आज जब भगवान रामलला अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में अपने स्थान पर विराजमान हैं, पूरी मानवता उनकी महिमा एवं आभा का अनुभव कर रही है। भगवान राम सबके हैं, दीनदयाल एवं कृपानिधान हैं, उनकी कृपादृष्टि सब पर बने।
श्रीरामजन्मभूमि का विषय सदियों से चला आ रहा था तथा यह यात्रा लंबी एवं संघर्षपूर्ण रही है। यह विषय दशकों तक विभिन्न न्यायालयों से होता हुआ सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा। सर्वोच्च न्यायालय ने 9 नवंबर, 2019 में अपने बहुप्रतीक्षित निर्णय सर्वसम्मति से लिए एवं परिणामत: अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 फरवरी, 2020 को संसद में ”श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास” के स्थापना की घोषणा की। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से 5 अगस्त, 2020 को भूमि-पूजन एवं शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ। दिनांक 22 जनवरी, 2022 को भगवान रामलला की ”प्राण-प्रतिष्ठा” के साथ ही सदियों से संजोया गया यह स्वप्न साकार हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए इस अभिनंदनीय कार्य के लिए मां नारायणी सामाजिक कुंभ 2024 बहुत धन्यवाद देता है, साथ ही मां नारायणी सामाजिक कुंभ में मूलभूत सुविधा, घाट, सीढ़ी की मांग को दोहराया।
इस अवसर पर विमल गिरी गिरनार जूनागढ़ गुजरात, प्रकाशचंद, साध्वी जीयन, महंत कुंज बिहारी दास, राघव दास, बंधन दास ,प्रभु दास, विश्वनाथ दास ,दुर्गा शंकर पुरी, हरी लाल दास, शैलेश दास ,योगेंद्र दास ,चंद्रिका दास नरकटियागंज, लाल बहादुर दास ,राजधारी दास, छोटेलाल दास , शंकर दास, विचंडी दास ,रामस्वरूप दास ,परमहंस दास आदि उपस्थित थे।