नई दिल्ली, 19 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वो आईटी एक्जीक्यूटिव जिगिषा घोष हत्याकांड के दोषी रवि कपूर की पैरोल की अर्जी पर 10 दिनों में फैसला करे। जस्टिस विकास महाजन ने ये आदेश दिया।
रवि कपूर ने अपनी भतीजी की शादी में हिस्सा लेने और अपने परिवार के सदस्यों के मिलने के लिए तीन महीने की पैरोल की मांग की है। रवि कपूर ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसने 29 जनवरी को प्रशासन को पैरोल के लिए अर्जी दी थी लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली प्रिजन रूल्स के मुताबिक पैरोल की किसी भी अर्जी पर चार हफ्ते में फैसला लेने का प्रावधान है और रवि कपूर की अर्जी देने के अभी चार हफ्ते पूरे नहीं हुए हैं। दिल्ली सरकार ने कहा कि वो रवि कपूर की पैरोल अर्जी पर दस दिनों में फैसला करेगा। उसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि आज से 10 दिनों के अंदर रवि कपूर की पैरोल अर्जी पर फैसला करे।
उल्लेखनीय है कि रवि कपूर और अमित शुक्ला को 2009 में आईटी एक्जीक्यूटिव जिगिषा घोष मर्डर केस में दोषी करार दिया गया था। रवि कपूर जिगिषा घोष मर्डर के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। रवि कपूर को ट्रायल कोर्ट ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में भी दोषी करार दिया था। रवि कपूर और एक और सह अभियुक्त अमित शुक्ला को ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा तय की थी। हाई कोर्ट ने 4 जनवरी, 2018 को दोनों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का आदेश दिया था।
जिगिषा हेविट एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ऑपरेशनल मैनेजर के पद पर काम करती थी। 18 मार्च, 2009 को उसकी हत्या कर दी गई थी। ऑफिस की कैब ने सुबह चार बजे जिगिषा को वसंत विहार स्थित घर के सामने छोड़ा। इसी दौरान तीनों आरोपितों ने उसे अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी और शव को फरीदाबाद में सूरजकुंड के पास फेंक दिया था। 21 मार्च को जिगिषा का शव बरामद हुआ था।
हाई कोर्ट ने 12 फरवरी को सौम्या विश्वनाथन की हत्या के जिन चार दोषियों की सजा को निलंबित किया था, उनमें रवि कपूर भी शामिल है। 25 नवंबर, 2023 को साकेत कोर्ट ने सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले के चार दोषियों को उम्रकैद और एक दोषी को तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलबीर मालिक और अजय कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने चारों पर हत्या के लिए 25 हजार रुपये और मकोका के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने अजय सेठी को तीन साल की कैद की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।