मनी लांड्रिंग मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खान की अग्रिम जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस

नई दिल्ली, 19 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भर्ती में गड़बड़ियों से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया है। स्पेशल जज राकेश स्याल ने अग्रिम जमानत याचिका पर 20 फरवरी को सुनवाई करने का आदेश दिया।

अमानतुल्लाह खान की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत पर फैसला होने तक अंतरिम जमानत देने की मांग की, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया। गुरुस्वामी ने कहा कि अमानतुल्लाह खान को मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी की ओर से नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। गुरुस्वामी ने कहा कि एक ही मामले के लिए दो एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में जमानत के आदेश में साफ कहा गया है कि राजकोष को कोई नुकसान नहीं हुआ।

इसके पहले अमानतुल्ला खान ने 7 फरवरी को ईडी की ओर से जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली हाई कोर्ट से वापस ले ली थी। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने वक्फ बोर्ड से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। ईडी ने 9 जनवरी को चार्जशीट दाखिल की थी। करीब पांच हजार पेजों की चार्जशीट में ईडी ने जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर को आरोपित बनाया है। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित बनाया है।

ईडी के मुताबिक ये मामला 13 करोड़ 40 लाख रुपये की जमीन की बिक्री से जुड़ा हुआ है। ईडी के मुताबिक आप विधायक अमानतुल्लाह खान के अज्ञात स्रोतों से अर्जित संपत्ति से जमीन खरीदी और बेची गई। आरोपित कौसर इमाम सिद्दीकी की डायरी में 8 करोड़ रुपये की एंट्री की गई है। जावेद इमाम को ये संपत्ति सेल डीड के जरिए मिली। जावेद इमाम ने ये संपत्ति 13 करोड़ 40 लाख में बेची। जीशान हैदर ने इसके लिए जावेद को नकद राशि दी।

इस मामले में पहले सीबीआई ने केस दर्ज किया था। सीबीआई की ओर से दर्ज केस में आप विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई ने अमानतुल्लाह खान के अलावा जिन लोगों को आरोपित बनाया है। सीबीआई ने इस मामले में 23 नवंबर, 2016 को एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद सीबीआई ने 21 अगस्त, 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई के मुताबिक दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गड़बड़ियां की गईं।

सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची, जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।