जालौन, 29 मार्च (हि.स.)। रामपुरा थाना क्षेत्र के सुलतापुरा गांव निवासी दीपराज ने आठ मई 2012 को रामपुरा पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता सुखवीर सिंह और बाबा शत्रुघ्न सिंह अपने खेत पर थे। तभी गांव के ही मुनेश बालू से भरा ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकाल रहा था जिस पर पिता और बाबा ने ट्रैक्टर ट्राली निकलने से मुनेश को मना किया तो मुनेश घर चला गया।
देर शाम को घर पर उसके पिता और बाबा खाना खा रहे थे। तभी गांव के ही मुनेश अपने साथ जितेंद्र, महेश व ज्ञान सिंह को लेकर घर के अंदर घुस आए और पिता और बाबा को बाहर निकाल कर मारपीट कर तमंचा से पिता पर फायर कर दिया। इससे उसके पिता सुखवीर की मौके पर ही मौत हो गई और बाबा पर ज्ञान सिंह ने कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट और हत्या व गैर इरादनत हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चारों आरोपितों की गिरफ्तारी शुरू कर दी थी।
सर्विलांस और एसओजी टीम और रामपुरा थाना पुलिस ने 28 मई 2012 को चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। जब उनसे पुछताछ की गई तो उन्होंने हत्या की बात कही थी। पुलिस ने उनके पास से हत्या में शामिल तमंचा और कुल्हाड़ी बरामद कर जेल भेज दिया था। शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडे ने बताया कि इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज अंजू राजपूत की कोर्ट में चल रही थी। जज ने गवाहों व सबूतों के आधार पर मुनेश, जितेंद्र, महेश व ज्ञान सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और एक लाख 65 हजार रुपये चारों दोषियों पर अर्थदंड लगाया।