लैंड फॉर जॉब मामलाः स्वास्थ्य आधार पर अमित कात्याल को मिली जमानत अवधि 22 मार्च तक बढ़ी

नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले के आरोपित अमित कात्याल की स्वास्थ्य के आधार पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने की मांग पर सुनवाई करते हुए फिलहाल अंतरिम जमानत 22 मार्च तक बढ़ा दी है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने ये आदेश दिया।

आज सुनवाई के दौरान ईडी ने अमित कात्याल की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने का विरोध करते हुए जवाब दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अमित कात्याल की ओर से पेश वकील विकास पाहवा ने कहा कि ईडी ने बिना कोर्ट के आदेश के स्वतंत्र जांच के नाम पर निजी डॉक्टर का मेडिकल रिपोर्ट लगाया है, जो गैरकानूनी है। इसका ईडी ने विरोध करते हुए कहा कि इसमें गैरकानूनी कुछ भी नहीं है और उसका उद्देश्य आरोपित के स्वास्थ्य की हकीकत कोर्ट के समक्ष रखना है।

इस मामले में ईडी ने अमित कात्याल को मिली अंतरिम जमानत आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। 5 मार्च को कोर्ट ने अमित कात्याल की अंतरिम जमानत आजतक के लिए बढ़ाई थी। 28 फरवरी को कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी मीसा भारती, हीमा यादव और हृदयानंद चौधरी को एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर नियमित जमानत दी थी।

इस मामले में 9 जनवरी को ईडी ने चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने चार्जशीट में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती, हीमा यादव, हृदयानंद चौधरी और अमित कात्याल को आरोपित बनाया है। ईडी ने अमित कात्याल को गिरफ्तार किया था। लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी के पहले सीबीआई ने केस दर्ज किया था। सीबीआई का मामला भी दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में ही चल रहा है।

लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में सीबीआई ने भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को गिरफ्तार किया था। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। लैंड फॉर जॉब घोटाला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। भोला यादव को ही इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। नौकरी के बदले जमीन देने के काम को अंजाम देने का काम भोला यादव को सौंपा गया था।

भोला यादव 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर सीट से विधायक चुने गए थे।

सीबीआई ने मई के तीसरे सप्ताह में इस मामले में लालू यादव के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।