चकबंदी के दौरान एक गांव का रिकॉर्ड गायब

प्रयागराज, 05 मार्च (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुशीनगर की पडरौना तहसील के नरकहवा गांव की चकबंदी के दौरान दस्तावेज गायब होने के मामले में जिलाधिकारी-उप निदेशक चकबंदी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर कृत कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है।

कोर्ट ने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए कि विस्तृत जांच क्यों नहीं की गई। दोषी अधिकारियों का पता लगाने की कोशिश क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने कहा जिलाधिकारी ने जो जानकारी दी उसमें नहीं बताया कि दस्तावेज चोरी होने के लिए जवाबदेह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच हुई या नहीं। अधिकारियों ने गायब दस्तावेज की तलाश के त्वरित कदम नहीं उठाए। जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों का भविष्य अधर में है। उनके दस्तावेज लापता हैं। याचिका की सुनवाई 12 मार्च को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल ने अंबिका यादव की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में गायब रिकॉर्ड बहाल करने व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

कोर्ट के जानकारी मांगने पर जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस को जांच दी गई है। चकबंदी अधिकारियों से रिकॉर्ड गायब हुआ है। किंतु यह नहीं बताया कि अधिकारियों पर क्या ऐक्शन हुआ। जिस पर विस्तृत हलफनामा मांगा है।