यासिन भटकल को नहीं मिली कस्टडी पैरोल, बीमार मां से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने की इजाजत
नई दिल्ली, 26 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोपित यासिन भटकल को अपनी बीमार मां को देखने के लिए कस्टडी पैरोल पर रिहा करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यासिन भटकल को अपनी मां से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हिंदी में एक बार बात करने की इजाजत दे दी है।
भटकल ने अपनी याचिका में अपनी बीमार मां को देखने के लिए कस्टडी पैरोल की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि भटकल की मां का हाल ही में हार्ट की सर्जरी हुई है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यासिन भटकल की याचिका का विरोध किया था और याचिका खारिज करने की मांग की थी। कोर्ट ने जेल प्रशासन को यासिन भटकल और उसकी मां से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करने की इजाजत दे दी है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 3 अप्रैल, 2023 को भटकल समेत 11 आरोपितों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के मामले में आरोप तय किया था। कोर्ट ने कहा था कि यासिन भटकल की चैट से सूरत में बम धमाके की योजना के बारे में खुलासा होता है। चैट से पता चलता है कि ब्लास्ट से पहले वहां से मुस्लिमों को हटाने की योजना भी बनाई गई थी। यासिन भटकल न केवल एक बड़ी साजिश में शामिल था, बल्कि आईईडी को बनाने में भी सहायता की थी। इंडियन मुजाहिद्दीन ने भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर नए सदस्यों की भर्ती की, जिसके लिए पाकिस्तान स्थित सहयोगियों के साथ स्लीपर सेल का सहयोग लिया गया। वो भारत में प्रमुख स्थानों विशेषकर दिल्ली में बम विस्फोटों से आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना चाहते थे।
दरअसल, एनआईए ने 2012 में इंडियन मुजाहिद्दीन के पूर्व सह संस्थापक यासिन भटकल समेत कई लोगों पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने समेत कई मामलों में केस दर्ज किया था। कोर्ट ने भटकल, अंसारी, मोहम्मद आफताब आलम, इमरान खान, सैयद, ओबैद उर रहमान, असदुल्लाह अख्तर, उज्जैर अहमद, मोहम्मद तहसीन अख्तर, हैदर अली और जिया उर रहमान के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने मंजर इमाम, आरिज खान और अब्दुल वाहिद सिद्दीबप्पा को आरोप मुक्त कर दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय