600 कैडेट्स ने पाई सैन्य शिक्षा, उत्कृष्ट प्रदर्शनकर्ताओं को मिला विशेष सम्मान!

**जालंधर में सम्पन्न हुआ एनसीसी कैंप, 600 कैडेट्स ने दिखाई प्रतिभा**

जालंधर से प्राप्त समाचार के अनुसार, 2-पंजाब एनसीसी बटालियन द्वारा आयोजित दस दिवसीय गणतंत्र दिवस कैंप का समापन शनिवार को डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में हुआ। इस कैंप में कुल 600 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया, जिन्होंने विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण और एनसीसी पाठ्‌यक्रमों का अध्ययन किया। यह कैंप कैडेट्स के लिए न केवल शिक्षा का माध्यम रहा, बल्कि उन्हें अपने क्षमताओं के विकास का एक अवसर भी प्रदान किया गया।

कैंप के दौरान कैडेट्स ने नौवें दिन इंटर कंपनी ड्रिल प्रतियोगिता में सम्मिलित होकर अपनी दक्षताएं दिखाई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों में बातचीत की गई, जिससे कैडेट्स की संगठन कौशल और सामूहिकता की भावना को उजागर किया गया। कैडेट्स को क्वार्टर गार्ड निरीक्षण की प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में भी बारीकी से समझाया गया। इस प्रकार के प्रशिक्षण ने उन्हें अपने अनुशासन और तैयारी में वृद्धि करने में सहायता प्रदान की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुधीर शर्मा, डीएवी इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल और कर्नल एमएस सचदेव, 2-पंजाब एनसीसी गर्ल्स बटालियन के कमान अधिकारी उपस्थित रहें। इन विशिष्ट अतिथियों ने कैंप के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे कैडेट्स में प्रतिस्पर्धा की भावना और अधिक बढ़ी और उन्हें अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए प्रेरित किया गया।

कैंप के समापन समारोह में कैंप कमांडेंट कर्नल विनोद जोशी ने सभी कैडेट्स को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कैडेट्स को व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस प्रकार, यह एनसीसी कैंप ना केवल ऊर्जावान प्रशिक्षण का एक प्लेटफार्म था बल्कि यह कैडेट्स के लिए एक अद्वितीय अनुभव साबित हुआ है, जिसके माध्यम से उन्होंने कई महत्वपूर्ण कौशल सीखे और अपनी क्षमताओं को पहचाना। जालंधर में आयोजित इस कैंप ने वहां के युवाओं को एक नई दिशा देने का कार्य किया है, जिससे वे भविष्य में देश की सेवा में और अधिक योगदान दे सकें।