पंजाब के फाजिल्का में एक चौंकाने वाली घटना घटित हुई है, जहां जिला कांग्रेस कमेटी की महिला प्रधान ने अपने पति को 25 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। घटना के बाद जब पुलिस को सूचित किया गया, तब उन्होंने पीड़ित पति को कमरे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित की पहचान रिटायर्ड एसडीओ श्याम लाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला, जिसका नाम कविता सोलंकी है, ने अपने पति को न केवल बंदूक से बंधक बनाया बल्कि उन्हें भोजन और पानी भी नहीं दिया।
श्याम लाल ने इस मामले के बारे में बताते हुए कहा कि उसकी पत्नी काफी लंबे समय से उससे दुरुपयोग कर रही थी और उन्होंने उनकी 7 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। इसके साथ ही श्याम लाल ने यह भी कहा कि कविता उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। हाल ही में वह उन्हें अपने घर में घुसने से भी रोकने लगी थी। झगड़े के बाद, 5 अक्टूबर की रात को श्याम लाल को एक कमरे में बंद कर दिया गया, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत खराब हो गई।
जब श्याम लाल ने अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मदद मांगी, तो कविता ने उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया। अपनी बुरी स्थिति को देखते हुए, अंततः उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला। श्याम लाल को तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें 24 घंटे तक भूखा-प्यासा रखा गया था।
कविता सोलंकी ने अपने पति के आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि श्याम लाल उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। दूसरी ओर, श्याम लाल दावा कर रहे हैं कि उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ कई फर्जी मामले दर्ज करवाए हैं और वह उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रही हैं। श्याम लाल ने यह भी आशंका जताई कि कविता किसी भी समय उनकी हत्या कराने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर का सहारा ले सकती है।
पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है। इस बीच, इस घटना ने घरेलू विवादों के विस्तार को उजागर किया है, जो कभी-कभी गंभीर और भयानक रूप ले लेते हैं। श्याम लाल ने स्पष्ट किया कि यह एक पारिवारिक मामला है और उन्होंने इसे अपने स्तर पर सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन हालात बेकाबू हो गए। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि इस तरह की घटनाओं पर ध्यान दिया जाए तथा प्रभावित पक्ष को न्याय मिले।