हिसार : कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल पर बिजली निगम के उपमंडल अभियंता को धमकाने का आरोप

हिसार : कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल पर बिजली निगम के उपमंडल अभियंता को धमकाने का आरोप

सेलवाल ने आरोपों से नकारा, बोले एसडीओ ने नहीं उठाया उनका फोन

हिसार, 23 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपमंडल अभियंता ने उकलाना के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उपमंडल अभियंता ने अपनी शिकायत कार्यकारी अभियंता को भेजी है।

कार्यकारी अभियंता को दी शिकायत में उपमंडल अभियंता ने लिखा है कि उनके कार्यालय में 8-10 लोग उनके साथ आए। वह उनसे कुछ पूछते, इससे पहले ही उन्होंने बिना कुछ बातचीत किए विधायक नरेश सेलवाल ने कहा मैं विधायक हूं। दो मिनट में घर बैठा दूंगा, तरीके से रहना सीख लो। उनके साथ आए लोगों ने कहा कि हमारे गांव में आना बिजली वालों को पकड़ कर पिटेंगे, कोई बचाने नहीं आएगा। उनके द्वारा कार्यालय में आकर इस प्रकार की धमकी दी गई है और कार्यालय के माहौल को खराब करने की कोशिश की गई है। उपमंडल अभियंता के अनुसार जब उन्होंने पूछा कि आखिर उन्हें क्यों धमकी दी जा रही है, तो उन्होंने बताया कि एसडीओ ने उनका फोन नहीं उठाया।

एसडीओ ने बताया कि वह फलेल एक्सीडेंट केस में पूछताछ के लिए चमारखेड़ा निवासी प्रदीप पुत्र दलबीर सिंह व उनके परिजनों के पास गया हुआ था। ना ही उनके पास विधायक का नंबर सेव था, ताकि वे वापिस कॉल कर लेते। एसडीओ के अनुसार एक प्रतिनिधि के नाते उनका बात करने का तरीका बिल्कुल भी उचित नहीं था। यदि इस प्रकार की घटना कार्यालय में होती रही तो कार्यालय के कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है। कर्मचारियों के साथ कभी भी कोई घटना घट सकती है।

एसडीओ द्वारा कार्यकारी अभियंता को भेजे गए पत्र की प्रति मुख्य अभियंता व अधीक्षक अभियंता हिसार को सूचनार्थ भेजी गई है। इस बारे दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के उकलाना उपमंडल अभियंता से बात की गई। उन्होंने कहा कि इस पत्र पर उनके साइन हैं। यह भेजा गया पत्र उनके द्वारा लिखा गया है, जो सही है। कार्रवाई के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर विभाग को अवगत करा दिया गया है। दो-चार दिन में जो भी होगा उसी उपरांत फैसला लिया जाएगा।

पूरे प्रकरण बारे विधायक नरेश सेलवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे उपमंडल अभियंता को फोन कर रहे थे, लेकिन वे फोन नहीं उठा रहे थे। जब इस रास्ते से गुजर रहे थे तो उन्होंने उनसे मिलना उचित समझा। कार्यालय आने की अनुमति मांगी तो उन्होंने अनुमति नहीं दी। कहा कि मैं काम में लगा हुआ हूं। मेरा स्टाफ अंदर चला गया और फोन उठाने के लिए कहा तो उपमंडल अभियंता ने कहा कि मैं किस-किस के फोन उठाऊं। विधायक तो आप जैसे 90 हैं। उन्होंने उनसे कहा कि वह जनप्रतिनिधि हैं। जनता की बात को लेकर वह फोन करते हैं, आप फोन उठा लिया करें। इतना कहकर वहां से चले आए।