पंजाब के अमृतसर में नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान माता रानी की पूजा के साथ ही भक्तजन व्रत भी रखते हैं। आमतौर पर व्रती लोग इस समय गेहूँ का सेवन नहीं करते और इसके स्थान पर व्रत के लिए विशेष आटा एवं फलाहार का सेवन करते हैं। इनमें व्रत वाले चिप्स भी लोकप्रिय होते हैं, लेकिन हाल ही में एक महिला ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो साझा किया है, जो इस परंपरा का मजाक उड़ाने वाला प्रतीत होता है।
इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे कुछ दुकानदार व्रत वाले चिप्स के नाम पर सामान्य चिप्स बेच रहे हैं। महिला ने एक दुकानदार से खरीदे गए चिप्स के पैकेट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वीडियो में स्पष्ट है कि चिप्स के पैकेट पर एक नया स्टिकर चिपकाया गया है, जिस पर ‘सेंधा नमक और मसाला चिप्स’ लिखा है। चूंकि व्रत में केवल सेंधा नमक का ही उपयोग किया जाता है, इसलिए ग्राहक इस चिप्स को खरीदने में संकोच नहीं करते।
महिला ने जब उस स्टिकर को हटाया, तो वास्तविक सामग्री पता चल पाई। चिप्स के इंग्रीडिएंट में गेहूँ का आटा और कॉर्न फ्लोर जैसी सामग्रियां शामिल थीं, जो कि व्रत के नियमों के अनुसार निषिद्ध हैं। महिला ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि यह उपभोक्ताओं को धोखा देने का एक प्रयास है और इस तरह की समस्याओं से व्रत रखने वालों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें ऐसे चिप्स का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर के फूड कमिश्नर, राजिंद्र पाल सिंह ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस धोखाधड़ी की सूचना मिली है और जल्द ही इसके नमूने लिए जाएंगे ताकि स्थिति की जाँच की जा सके। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो ऐसे दुकानदारों को नहीं बख्शा जाएगा, जो लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
इस प्रकार की घटनाएं न केवल उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आघात पहुँचाती हैं। समाज के प्रत्येक नागरिक को इस प्रकार के धोखाधड़ी से सजग रहकर अपने अधिकारों की सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए। इस स्थिति में, जागरूकता फैलाना और अपने धर्म की सही अनुशासन का पालन करना आवश्यक है।