अमृतसर में हाल ही में बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी की गई है, जो ना केवल स्थानीय सुरक्षा बलों की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि पाकिस्तान से आने वाली नशे की तस्करी के नेटवर्क का भी खुलासा करती है। पुलिस ने पांच नशा तस्करों से 21 करोड़ मूल्य की हेरोइन को बरामद किया है, जो कि पाकिस्तान से भेजी जा रही थी। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार, इस सफलता में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की सक्रियता और उनकी जांच की कुशलता का बड़ा हाथ है।
सोमवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी कमिश्नर ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक प्रमुख तस्कर, सोहेल है, जो अमृतसर के लोहागढ़ गेट क्षेत्र का निवासी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सोहेल सीधे पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में था और वे ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सीमापार से ड्रग्स मंगवाने में लगे थे। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत सोहेल और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और यह पुष्टि की है कि आरोपी ने कपटगढ़, छेहरटा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप हासिल की थी।
अमृतसर के डीसीपी अभिमन्यु राणा, डीसीपी जांच हरप्रीत सिंह मंधेर और एसीपी पश्चिम शिवदर्शन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने एक जाल बिछाकर सोहेल को गिरफ्तार किया। कमिश्नर भुल्लर ने बताया कि यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान स्थित ड्रग तस्करों के साथ जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करना भी है। इस दौरान, एक और कार्रवाई में चार तस्करों, अवतार सिंह, समीर सिंह, अर्शदीप सिंह और युवराज को गिरफ्तार किया गया। ये सभी नौशहरा ढाला सराय अमानत खान के निवासी हैं और इनके पास से 516 ग्राम हेरोइन और 35,000 रुपए की नकद राशि बरामद की गई।
इन चार आरोपियों की गिरफ्तारी उस समय की गई, जब पुलिस को उन पर इनपुट मिला था कि वे एक नशीली पदार्थों की खेप के साथ अमृतसर के एक होटल के पास मौजूद हैं। कमिश्नर भुल्लर ने बताया कि जांच दल अब इस मामले में आगे की कड़ी और पिछड़ी कड़ी को समझने पर काम कर रही है, ताकि इस जटिल नेटवर्क को पूरी तरह उजागर किया जा सके। यह घटनाक्रम न केवल अमृतसर, बल्कि पूरे पंजाब में बढ़ते नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ पुलिस की सजगता को भी दर्शाता है।
ये घटनाएँ हमें यह बताती हैं कि नशा तस्कर कितने जटिल और संगठित हो चुके हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए पुलिस का इरादा बहुत मजबूत है। अमृतसर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तैनाती की रणनीति को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि क्षेत्र में नशे के व्यापार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों को प्रशंसा की जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे भी ऐसे सफल अभियानों से नशे की तस्करी में कमी आएगी।