अमृतसर में चुनावी रंजिश: दुकान में हमला, दुकानदारों का प्रदर्शन जारी!

अमृतसर के अटारी जिले के पंडोरी गांव में पंचायत चुनावों के बाद सियासी प्रतिशोध का एक मामला सामने आया है, जिसमें सरपंच के चुनाव में जीतने वाले गुट के एक समर्थक पर अत्यंत खतरनाक हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, हमले की घटना उस समय हुई जब कुछ नकाबपोश युवक दुकान पर पहुंचे और दुकानदार को निशाना बनाते हुए उसकी दुकान में तोड़फोड़ की। इसके अलावा, उनके द्वारा वहां खड़ी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए। वारदात के बाद जब पीड़ितों ने पुलिस से मदद मांगी, तो कोई उचित कार्रवाई नहीं होने पर मजबूर होकर उन्होंने हाइवे को जाम कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

पंडोरी गांव के हरप्रीत सिंह वेरका, जो कि कपड़े की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उन्होंने सीधा आम आदमी पार्टी के नेता जसपाल सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस हमले के पीछे हैं। हरप्रीत ने बताया कि हमलावरों ने पहले उन पर हमला किया और फिर उन्होंने अपनी योजना बदलकर पास की दूसरी दुकान के मालिक दर्शन सिंह पर भी हमला करने की कोशिश की। इसके चलते, दुकानदारों ने खुद को बचाते हुए दुकान को बंद कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने उन पर जान से मारने की धमकी भी दी।

दुकान के अन्य मालिक लखविंदर सिंह और मंगबीर सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमले किए और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। उन पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने पंचायत चुनाव में अपने मनचाहे उम्मीदवार का सहयोग दिया, जिससे हमलावर नाराज हो गए और उन्होंने प्रतिशोध लेने का फैसला किया। पीड़ितों ने कहा कि यह सब आम आदमी पार्टी के नेताओं के इशारे पर हुआ है, जो चुनाव में हार गए थे और अब अपनी हार का बदला लेने पर आमादा हैं।

जब पीड़ितों ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी, तो उनकी शिकायतों पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते उन्होंने हाइवे जाम करने का कदम उठाया ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद, पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। कंबो थाने के एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि रात करीब आठ बजे के आस-पास कुछ नकाबपोश लोग पहुंचे थे, जिन्होंने घुसकर दुकान में तोड़फोड़ की और गाड़ी के शीशे तोड़े। मौजूदा समय में पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और पीड़ितों के बयान के आधार पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

इस भयानक घटना ने न केवल स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा की है बल्कि भविष्य में राजनीतिक चुनावों पर भी इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय 주민ों और व्यापारियों ने पुलिस से आग्रह किया है कि इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। अब यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस किस प्रकार से इस मामले को संभालती है और दोषियों को कड़ी सजा देने में सफल होती है या नहीं।