बठिंडा अस्पताल से नशीली दवाएं चुराने वाला कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, ऊंचे दामों में बेचता था!

बठिंडा के तलवंडी साबो स्थित सिविल अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र से नशीली गोलियां चोरी कर उन्हें ऊंचे दामों में बेचने वाले एक कंप्यूटर ऑपरेटर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का नाम नौनिहाल सिंह है, जो कि रामपुरा का निवासी है। पुलिस ने उसके कब्जे से 300 चोरी की गई गोलियां बरामद की हैं। इस मामले में तलवंडी साबो थाना के अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और चोरी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है।

थाना तलवंडी साबो की इंचार्ज इंस्पेक्टर सर्बजीत कौर ने बताया कि उन्हें हाल ही में इस तरह की कई शिकायतें मिली थीं कि ओट सेंटर में नशा छुड़वाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों की गोलियां चोरी हो रही हैं और इन्हें बाहर बेचकर कमाई की जा रही है। जांच के दौरान पता चला कि नशामुक्ति केंद्र के कर्मचारी ही इन गोलियों की चोरी में शामिल हैं। इस मामले में जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, तो उनकी निगाहें केंद्र में काम कर रहे नौनिहाल सिंह पर केंद्रित हुईं।

पुलिस की टीम ने नौनिहाल पर नजर रखी और उसे बीते दिनों 300 गोलियों सहित रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी अपने कार्य के दौरान मरीजों की आईडी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के जरिए गोलियां निकालता था। वह इन गोलियों को नशे के आदी व्यक्तियों को महंगे दामों में बेचता था, जिससे उसे आर्थिक लाभ होता था। पुलिस ने नौनिहाल से पूछताछ शुरू कर दी है और उनकी योजना के अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए गहन अनुसंधान जारी है।

इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों में सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है कि किस तरह से व्यवस्थाएं न केवल मरीजों के लिए बल्कि समाज के अन्य सदस्यों के लिए भी खतरा बन सकती हैं। इंस्पेक्टर सर्बजीत कौर ने बताया कि यह मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं हो सकता, संभावना है कि और भी लोग इस धंधे में संलिप्त हो सकते हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हर संभव प्रयास कर रही है ताकि इस प्रकार की गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सके।

बठिंडा पुलिस का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि समाज में नशे के खिलाफ लड़ाई को और सशक्त किया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि यह औषधि की चोरी के मामले में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज में जागरूकता बढ़ाने और इस तरह की गतिविधियों को समाप्त करने के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।