डेरा बाबा नानक के उपचुनाव के लिए आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार रविकरण सिंह काहलों ने एसडीएम कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर उनके साथ बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा और पंजाब बीजेपी के महासचिव राकेश राठौड़ भी उपस्थित रहे। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार गुरदीप सिंह रंधावा ने भी आज अपना नामांकन पत्र भरा। इस मौके पर मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, बटाला से विधायक अमन शेर सिंह कलसी, बलबीर सिंह पन्नू और जगरूप सिंह सेखवां भी मौजूद थे।
अपना नामांकन भरने के उपरांत काहलों ने पार्टी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि बीजेपी ने उन्हें इस चुनावी संघर्ष में शामिल होने का अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि वे ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे के साथ मैदान में उतर रहे हैं। डेरा बाबा नानक एक सीमावर्ती क्षेत्र है जहाँ रोजगार के कई अवसर जुटाने की आवश्यकता है, और वे इस मुद्दे पर अपने चुनाव प्रचार को केंद्रित करेंगे। काहलों ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के प्रति जनता की नाराज़गी है और हरियाणा के हालिया चुनाव परिणामों से प्रेरित होकर उन्हें विश्वास है कि इस बार भी लोग बीजेपी के साथ खड़े होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके परिवार ने जो सेवा की है, उसका लाभ उन्हें मिलेगा।
इस बीच, आप के उम्मीदवार गुरदीप रंधावा ने नामांकन के बाद अपने प्रचार अभियान को लेकर उत्साह प्रकट किया और जीत का पक्का दावा किया। उन्होंने कहा कि मंत्री धालीवाल और बटाला विधायक अमन शेर सिंह कलसी उनके साथ हैं, जिससे उनकी जीत निश्चित प्रतीत होती है। रंधावा ने बताया कि विधायक कलसी ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, जिससे लोग काफी संतुष्ट हैं। इसके अलावा, बटाला के विधायक अमन शेर सिंह और आम आदमी पार्टी के महासचिव जगरूप सेखवां ने भी जीत के प्रति अपनी आशा व्यक्त की और उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के बहिष्कार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान माहौल काफी उत्साहपूर्ण रहा। बीजेपी और आप दोनों ही पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला। इलाके के विकास को लेकर दोनों उम्मीदवारों ने अपने-अपने मुद्दे उठाए और जनता से वादे किए। जिस तरह से चुनावी माहौल गरमा रहा है, वह इस बात का संकेत करता है कि आगामी चुनाव में मुकाबला काफी रोचक होने वाला है। दोनों ही दल अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, और देखना होगा कि इस बार जनता किसे अपनी आवाज देती है।
इस चुनावी चर्चा में जनता की भागीदारी और उनकी प्रतिक्रियाएँ भी बहुत महत्वपूर्ण होंगी। आम चुनावों में वोटर का निर्णय ही यह तय करेगा कि किस पार्टी की नीतियाँ और वादे लोगों के लिए अधिक प्रभावशाली साबित होते हैं। इन चुनावों में क्षेत्र के लिए रोजगार के अवसर, विकास योजनाएँ और स्थानीय मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।