कोलकाता घटना के बाद चंडीगढ़ PGI ने बनाया 28 सदस्यीय महिला सुरक्षा समिति!

चंडीगढ़ के प्रमुख चिकित्सा संस्थान, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई), ने महिलाओं की सुरक्षा को अधिक सख्त करने हेतु नए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, सुरक्षाकर्मियों को जल्द ही वॉकी-टॉकी से सुसज्जित किया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से संस्थान के परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की तुरंत पहचान और सूचना देने के उद्देश्यों से उठाया गया है। सुरक्षा को मजबूती देने के निमित्त, विभागाध्यक्षों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर एक विस्तृत सुरक्षा चेकलिस्ट तैयार की गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आवश्यक उपाय वक्त पर लागू किए जाएं।

महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों के लिए उप-समितियों का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से सुरक्षा मामलों की समीक्षा कर रही हैं। यह उप-समितियां विभिन्न सुझावों का अध्ययन करेंगी और इन सुझावों के आधार पर अंतिम दिशा-निर्देशों का निर्माण किया जाएगा। पीजीआई ने पहले से ही 930 उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं, जो 24 घंटे परिसर की निगरानी करने में सहायक हैं। इसके अलावा, एक समर्पित नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां से पूरे संस्थान की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है।

हाल ही में कोलकाता में ‘आरजी कर मेडिकल कॉलेज’ में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ घटित हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनज़र, पीजीआई ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 28 सदस्यीय एक महिला सुरक्षा समिति का गठन किया है। इस समिति में 14 महिला संकाय सदस्य भी शामिल हैं, जो विभिन्न पेशेवर संघों के साथ मिलकर महिलाओं की सुरक्षा के नीतियों और उपायों पर काम कर रही हैं। यह समिति सुरक्षा के सभी पहलुओं का विस्तार से विश्लेषण करने का कार्य करेगी, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीजीआई ने मुख्य सुरक्षा उपायों पर ध्यान केंद्रित किया है। इनमें सुरक्षा गार्डों की संख्या में वृद्धि, प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी, तथा संकाय और छात्रों की जागरूकता बढ़ाने हेतु नियमित कार्यशालाएं शामिल हैं। इससे न केवल परिसर की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं को भी चिकित्सीय माहौल में काम करने में अधिक आत्मविश्वास महसूस होगा।

इस बात पर जोर दिया जा सकता है कि यह कदम न केवल पीजीआई के संस्थान में महिलाओं की सुरक्षा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि अन्य संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस प्रकार के दिशा-निर्देश और उपाय अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी लागू कर महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकते हैं। शैक्षणिक और चिकित्सीय माहौल में सुरक्षा और समर्थन एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है, और पीजीआई इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।