चंडीगढ़ में सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ ही रेलवे ने धुंध और कोहरे के कारण ट्रेन सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। आगामी सर्दी में यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से रेलवे ने वंदे भारत और शताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनों की गति में कमी करने का निर्णय लिया है। सामान्यतः ये ट्रेनें 145 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती थीं, लेकिन अब इन्हें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पर चलाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जाहिर है, धुंध भरे मौसम में यह कदम यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि लोको पायलटों को स्थिति के अनुसार ट्रेन की गति को और भी कम करने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें गति बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ट्रेनें खराब दृश्यता की स्थिति में सुरक्षित तरीके से चलें। इसके अतिरिक्त, स्मॉग के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ से चलने वाली 6 ट्रेनों के संचालन को 1 दिसंबर से 28 फरवरी 2025 तक रद्द करने का भी निर्णय लिया गया है। रेलवे का यह कदम सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कोहरे की स्थिति में सिग्नल नहीं दिखने की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने इस बार एक नई तकनीक का सहारा लिया है। जी.पी.एस. आधारित फॉग सेफ्टी डिवाइस का उपयोग किया जाएगा, जो लोको पायलट को सिग्नल के बारे में 400 मीटर पहले चेतावनी देगा। यह डिवाइस लोको पायलट के चार्ज होने और रूट सेट करने के बाद काम करना शुरू करता है, जिससे ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह तकनीक न केवल सहायक होगी, बल्कि इससे संभावित दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आने की संभावना है।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में जहां दृश्यता शून्य के करीब पहुंच जाती है, वहां ट्रेनों की गति को आधा या उससे कम करना आवश्यक होता है। इसके परिणामस्वरूप ट्रेनों की समय पर पहुंचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। रेलवे द्वारा उठाए गए इस कदम से यह निश्चित है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि सर्दी के मौसम में यात्रा करना सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर यात्रियों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यात्रियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, जबकि कुछ ने देरी के कारण होने वाली inconveniences पर चिंता जताई है। फिर भी, रेलवे का यह निर्णय एक सकारात्मक कदम है, जो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद आवश्यक है। सर्दी के मौसम में की गई ये तैयारी रेलवे की ओर से एक जिम्मेदार कदम है, जो यात्रियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करने के लिए आवश्यक है।