दसूहा मंडी में बवाल: धान लिफ्टिंग न होने से किसान परेशान, जगह की तंगी भी!

होशियारपुर के टांडा उडमुड क्षेत्र में आज किसानों ने मंडी में धान की लिफ्टिंग न होने पर पंजाब सरकार के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की। किसानों ने अपने आंदोलन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि उन्हें मंडी में धान के उठान न होने के कारण बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के नेता परमजीत सिंह बाठ ने बताया कि मंडी में धान के ढेर बड़े हुए हैं और अब फसल को रखने के लिए स्थान की कमी हो गई है। धान की कटाई निरंतर चल रही है, लेकिन लिफ्टिंग की प्रक्रिया में देरी के कारण किसानों को मंडियों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने बताया कि उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। धान की लिफ्टिंग नहीं होने के कारण उन्हें मंडी में धक्के खाने पड़ रहे हैं, और ऐसी स्थिति में उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। किसानों ने एकजुट होकर यह मांग की है कि पंजाब सरकार शीघ्रता से मंडियों से धान की लिफ्टिंग शुरू करे, ताकि वे अपनी मेहनत की फसल को बिना किसी बाधा के बाजार में बेच सकें।

इस प्रदर्शन में शामिल हुए स्थानीय विधायक राजा जसवीर सिंह ने भी किसानों की समस्याओं का संज्ञान लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंडी से सभी किसानों की फसल का उचित तरीके से उठान किया जाएगा और उनकी फसल को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। विधायक ने बताया कि सरकार अपने स्तर पर स्थिति का जायजा ले रही है और किसानों की परेशानियों का समाधान करने के लिए शीघ्र ही कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान किसानों ने एकजुटता दिखाई और सरकार से अपील की कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज का सम्मान किया जाएगा। मंडियों में धान की लिफ्टिंग न होने के कारण किसान चिन्तित हैं, और वे चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले। उनका कहना है कि यदि परिस्थितियां इसी प्रकार जारी रहीं, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इस प्रकार, होशियारपुर के किसानों का यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि उन्हें अपनी फसल के लिए उचित लिफ्टिंग की आवश्यकता है। किसान संगठनों का मानना है कि यदि सरकार समय पर कदम नहीं उठाती है, तो भविष्य में स्थिति और बिगड़ सकती है। किसान अपनी फसल के लिए उचित बाजार मूल्य पाने के लिए सरकार की ओर देख रहे हैं, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके और उनके जीवन की स्थिति बेहतर हो सके।