मोगा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल करते हुए राजस्व की एक करोड़ 40 लाख की संपत्ति को सील कर दिया है। यह कार्रवाई मोगा जिले की धर्मकोट क्षेत्र के दोलेवाला गांव में की गई, जहां पुलिस ने चार नशा तस्करों की संपत्तियों को जब्त किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी धर्मकोट रमनदीप सिंह और चौकी प्रभारी रघबीर धीर ने किया। उनका कहना है कि यह कदम डीजीपी पंजाब और एसएसपी मोगा द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत उठाया गया है।
डीएसपी रमनदीप सिंह ने नशा तस्करों को चेतावनी दी है कि यदि वे नशे का कारोबार करना नहीं छोड़ते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “पुलिस का उद्देश्य नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाना है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि नशा तस्करों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएं जिससे समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।” इस बीच, उन्होंने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे पुलिस को सूचनाएं प्रदान करें ताकि नशे के कारोबार को समाप्त किया जा सके और पंजाब को इससे मुक्त कराया जा सके।
जिन चार तस्करों की संपत्ति सील की गई है, उनमें से परमजीत सिंह पम्मा की 20 लाख रुपये की संपत्ति, कुलदीप कौर की 22 लाख रुपये की, गुरप्रीत सिंह की 45 लाख रुपये की और एक अन्य कुलदीप कौर की 62 लाख 40 हजार रुपये की संपत्ति शामिल है। यह कार्रवाई उन तस्करों के खिलाफ की गई है जो लंबे समय से नशा व्यापार में लिप्त थे और समाज पर बुरा प्रभाव डाल रहे थे।
पुलिस प्रशासन का यह प्रयास न केवल नशे के कारोबार को नियंत्रित करने के लिए है, बल्कि यह युवाओं को भी नशे की लत से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। रमनदीप सिंह ने बताया कि स्थानीय समुदाय के सहयोग से उनका लक्ष्य नशे के खिलाफ एक सबक सिखाना है, जिससे अन्य संभावित तस्करों को यह संदेश मिले कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति ने पंजाब को एक गंभीर समस्या में डाल दिया है, और पुलिस का यह कदम उम्मीद जगाता है कि आने वाले समय में नशा व्यापारियों पर काबू पाया जा सकेगा। ऐसे में, स्थानीय लोगों को भी सजग रहकर पुलिस का सहयोग करना चाहिए ताकि ऐसे तत्वों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और समाज से नशे का प्रभाव हटा सकें।