बरनाला के करमगढ़ गांव में पंचायत चुनाव के दौरान एक गंभीर घटना घटित हुई है। यहां चुनावी लड़ाई के चलते पंच के एक प्रत्याशी समेत दो व्यक्तियों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विरोधी सरपंची प्रत्याशियों ने उन पर जानलेवा हमला किया। इस हमले के बाद पुलिस ने पूरी घटना की जांच के लिए कदम उठाए हैं, जबकि घायलों को बरनाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल प्रत्याशी गुरजंट सिंह ने बताया कि वह करमगढ़ के वार्ड नंबर 9 से पंची के चुनाव में खड़े हैं। घटना के समय, जब वह अपनी गाड़ी से गांव की ओर लौट रहे थे, तो कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन पर न केवल शारीरिक हमला किया गया, बल्कि उनकी गाड़ी की भी तोड़फोड़ की गई। गुरजंट के अनुसार, विरोधी गुट ने अपने सरपंच उम्मीदवार की हार को देखकर उन पर 20-25 लोगों के समूह के साथ हमला किया, जिससे वह और उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल गुरजंट ने अपनी चोटों का हवाला देते हुए कहा कि उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं, और उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हमलावरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में इस तरह का हिंसक हमला न केवल उनके ऊपर व्यक्तिगत हमला है, बल्कि इसे लोकतंत्र के पहलू को भी कमजोर करने वाला कार्य माना जाना चाहिए।
पुलिस अधिकारी हरविंदर पाल ने जांच के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गुरजंट सिंह के बयान लिए जाएंगे और उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही आरोपियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
इस घटना ने पंचायत चुनावों की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हुए इस तरह के हमले लोकतंत्र की गरिमा को हानि पहुंचाते हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। गांव में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं, ताकि पुनः कोई अनहोनी न हो सके। पंचायत चुनाव में अहिंसा को बढ़ावा देने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की रक्षा हेतु यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी उम्मीदवार और उनके समर्थक चुनावी मैदान में आपसी सौहार्द और शांतिपूर्वक बर्ताव करें।