होशियारपुर: शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि समारोह, 80 जवानों की वीरगाथा को सलामी!

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर होशियारपुर पुलिस लाइन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस बल के उन सच्चे नायकों को याद किया गया, जिन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण दिखाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। पूरे देश में इस वर्ष शहीद हुए पुलिसकर्मियों की याद में आंखों में आंसू लिए गए, जो उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा को दर्शाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित एसएसपी सुरेंद्र लंबा और डीसी कोमल मित्तल ने शहीदों के नाम का उच्चारण करते हुए अमर जवान शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इसके बाद, सभी पुलिस अधिकारियों ने बारी-बारी से शहीदों को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सलामी दी। इस दौरान, 80 पुलिसकर्मियों की शहादत की याद दिलाई गई, जो अपने कर्तव्यों के प्रति अडिग थे। इस सम्मान समारोह में पुलिस प्रणाली के प्रति सच्चे सम्मान और प्रतिबद्धता का भाव देखा गया।

एसएसपी सुरेंद्र लंबा ने इस अवसर पर बताया कि हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है, जो पिछले शहीद हुए पुलिस और अर्ध-सैनिक बल के जवानों को समर्पित होता है। उन्होंने कहा कि यह दिन उन जवानों को याद करने का है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बलिदान की। पिछले वर्ष भी होशियारपुर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए इसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

इस साल कांस्टेबल अमृतपाल सिंह की शहादत ने एक बार फिर पुलिस बल को झकझोर दिया है। उनकी शहादत ने यह साबित किया है कि पुलिस बल अपने कर्तव्यों के प्रति कितनी गंभीरता से काम करता है। कार्यक्रम में जिले के सभी पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, अन्य पुलिसकर्मी, शहीदों के परिजन और स्थानीय लोग भी शामिल हुए। इस एकजुटता ने यह दिखाया कि समाज में पुलिस बल के प्रति एक गहरा सम्मान और सुरक्षा की भावना है, जो हर समय जीवित रहेगी।

इस प्रकार का आयोजन न केवल शहीदों की याद को ताजा करता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि आने वाली पीढ़ियों को उनकी वीरता और बलिदान का महत्त्व समझ आ सके। इस अवसर पर सभी ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे समाज की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे और अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से करेंगे।