**जगराओं में कूड़े के बढ़ते ढेरों पर प्रधान जतिंदरपाल राणा ने उठाई आवाज़**
जगराओं में कूड़े के ढेरों की बढ़ती समस्या को लेकर नगर कौंसिल के प्रधान जतिंदरपाल राणा ने चिंताओं का इजहार करते हुए जिला उपायुक्त (डीसी) को पत्र लिखा है। राणा ने डीसी लुधियाना, जतिंदर जोरवाल से अनुरोध किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। उनके अनुसार, शहर में विभिन्न स्थानों पर फैला कूड़ा नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है, जिससे बीमारियों का पनपना संभव है।
राणा ने बताया कि सफाई कर्मचारियों ने एकत्रित कूड़े के मिश्रण को एक साथ डालना शुरू कर दिया है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है। उन्होंने बार-बार कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे कूड़े को अलग-अलग करने के लिए नीले और हरे डिब्बों का उपयोग करें, किंतु अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनके अनुसार, यह समस्या विशेषकर त्योहारी सीजन में तब और बढ़ जाती है, जब लोगों द्वारा घरों की सफाई के चलते कूड़े की मात्रा में वृद्धि होती है।
जनता की ओर से इस मुद्दे का समाधान न निकलने पर प्रधान ने डीसी लुधियाना से कड़े कदम उठाने की अपेक्षा की है। राणा ने स्पष्ट किया कि नगर कौंसिल के पास कूड़ा डालने के लिए कोई स्थायी डंपिंग साइट नहीं है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो रही है। उनका कहना है कि अधिकारियों को इससे संबंधित शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं, लेकिन इन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया है, जिससे उनकी चिंता बढ़ रही है।
राणा का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और विकराल रूप ले सकती है। सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उन्होंने अधिकारियों से ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि जनता को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सके। उनकी यह अपील कौंसिल के कार्यों में बेहतर समय पर कार्यवाही की भी आवश्यकता को दर्शाती है।
इस प्रकार, जतिंदरपाल राणा की इस शिकायत ने कूड़े की समस्या को एक बार फिर शहर के विकास और नागरिकों की सेहत से जोड़ दिया है। उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इसे लेकर गंभीर कदम उठाने के लिए तत्पर रहेगा और जगराओं में स्वच्छता की दिशा में प्रभावी समाधान निकालेगा। साथ ही, यह मामला अन्य नगर क्षेत्रों में भी एक उदाहरण बन सकता है कि कैसे स्थानीय नेताओं की जागरूकता और प्रशासनिक सहयोग से समस्याओं का समाधान संभव है।