कपूरथला में इस वर्ष दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान आतिशबाजी से संबंधित नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। प्रशासन ने इस बात पर स्पष्टता प्रदान की है कि निर्धारित समय की सीमा के पहले या बाद कोई भी आतिशबाजी चलाना सख्त मना रहेगा। जिला उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने इस संदर्भ में आदेश जारी कर सभी नागरिकों को निर्देशित किया है कि वे इन नियमों का पालन करें।
दिवाली के मौके पर आतिशबाजी करने का समय रात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक तय किया गया है। इसी तरह, गुरुपर्व, जोकि श्री गुरु नानक देव जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाएगा, इसके लिए भी एक विशेष समय निर्धारित किया गया है। 15 नवंबर को प्रातः 4 बजे से 5 बजे तक तथा रात 9 बजे से 10 बजे के बीच पटाखे जलाने की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त, क्रिसमस और नए साल के लिए भी निर्धारित समय है, जिसमें 25 दिसंबर को रात 11.55 बजे से लेकर रात 12.30 बजे तक पटाखे चलाने की इजाजत दी गई है।
अगस्त में जारी किए गए इस आदेश में यह भी बताया गया है कि साइलेंस जोन में माने जाने वाले क्षेत्रों में पटाखों के जलाने की अनुमति नहीं होगी। ये साइलेंस जोन स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों और पूजा स्थलों के 100 मीटर के दायरे में आते हैं। प्रशासन ने यह कदम स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है, ताकि इन क्षेत्रों में शांति और सामान्य गतिविधियों में कोई रुकावट ना आए।
यह आदेश 30 अक्टूबर से लेकर 1 जनवरी 2025 तक लागू रहेंगे, ताकि प्रत्येक त्योहार को सुरक्षित और संगठित ढंग से मनाया जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि नागरिक इन नियमों का पालन करते हुए त्योहारों का आनंद लें और साथ ही अपने आस-पास के लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। दीपावली और अन्य त्योहारों के इस उत्सव में हर कोई सुरक्षा के साथ खुशियाँ मनाए, यही प्रशासन की अपेक्षा है।
इन नई गाइडलाइन्स का उद्देश्य न केवल आम लोगों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि ध्वनि और वायु प्रदूषण को भी कम करना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए ही आतिशबाजी का आनंद लें और दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करें। उचित ढंग से और समय के अनुसार आतिशबाजी करना इस बार कपूरथला में हर किसी की जिम्मेदारी होगी।