कपूरथला में जलेगा 40 फुट का रावण: 70 हजार की लागत, दशहरा तैयारियां पूरी!

कपूरथला में आज दशहरा festivity की धूमधाम चरम पर है। इस पर्व के अवसर पर सुबह समय विशेष विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। जबकि शाम के समय बड़े धूमधाम के साथ रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। दशहरा का पर्व न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र में उत्सव का माहौल भी लेकर आया है।

श्री देवी तालाब मंदिर ग्राउंड में विशेष तौर पर तैयार किए गए 40 फुट ऊंचे रावण के पुतले के साथ-साथ 35-35 फुट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भी आगामी दहन के लिए तैयार हैं। श्री प्रताप धर्म प्रचारणी सभा रामलीला दशहरा कमेटी के महासचिव और कोषाध्यक्ष राजेश सूरी ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन ने पुतलों के निकट दर्शकों की दूरी के संदर्भ में तरीकों की व्यवस्था की है, जिसके अनुसार पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

इस वर्ष पुतलों के निर्माण के लिए लगभग एक सप्ताह की मेहनत की गई है और इनकी लागत लगभग 70 हजार रुपए आई है। सामूहिक मेहनत के बाद तैयार किए गए ये पुतले इस आयोजन के मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। इसी के साथ कपूरथला जिले में कई अन्य स्थानों पर भी दशहरा मनाया जा रहा है, जैसे मस्जिद चौक, शेखूपुर, सुलतानपुर लोधी दशहरा ग्राउंड, फगवाड़ा और भुलत्थ।

दशहरा का यह पर्व विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई के खिलाफ अच्छाई की जीत का प्रतीक होने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का भी कार्य करता है। कपूरथला में आयोजित इस भव्य आयोजन में स्थानीय निवासी पूरी उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं और अपने-अपने तरीके से इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।

यह समारोह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी उम्र के लोग इस पर्व का हिस्सा बनते हैं और साथ ही अपने परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार का जश्न मनाते हैं। दशहरा के इस महापर्व ने कपूरथला में एक नई ऊर्जा और उमंग भर दी है, जिससे यह महसूस होता है कि बुराई को समाप्त कर अच्छाई का पर्वमनाया जा रहा है।