कपूरथला में किसानों का बड़ा प्रदर्शन: सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप, चार स्थानों पर जाम!

पंजाब में धान की सुस्त खरीद और लिफ्टिंग को लेकर किसानों ने कपूरथला में चार जगहों पर सड़कें जाम कर धरना प्रदर्शन किया। इस स्थिति का सामना कर रहे लोग काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों ने नई दाना मंडी के बाहर स्थित सुलतानपुर लोधी- कपूरथला मार्ग को बंद कर दिया है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। यहां पर पुलिस बल भी मौके पर तैनात हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। इस मार्ग पर आने वाले सभी वाहनों को डायवर्ट किया गया है।

आंदोलनकारी किसान जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हमीरा, ढिलवां टोल प्लाजा, कपूरथला-गोइंदवाल रोड पर गांव मुंडी मौड़ के निकट और कपूरथला-सुलतानपुर लोधी रोड पर नई दाना मंडी के निकट सड़क को अवरुद्ध कर रहे हैं। आंदोलन की मुख्य वजह मंडियों में धान की घटती खरीद और धान की उठाई जा रही अनाज मंडियों से लेट होने की समस्या है। किसान इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी कर रहे हैं।

किसानों ने आरोप लगाया है कि निजी व्यापारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम भाव में धान खरीदकर उन्हें ठग रहे हैं। पंजाब किसान यूनियन (बागी) के प्रदेश महासचिव गुरदीप सिंह ने कहा कि कपूरथला में चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर धरना जारी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के एक साल से चल रहे आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।

इस धरने के मद्देनजर, किसान संगठनों ने मिलकर एकजुटता दिखाई है और विभिन्न स्थानों पर अपनी आवाज उठाई है। किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जिसके कारण उनके आर्थिक हालात खराब हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि यदि उनकी बुनियादी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो वे और ज्यादा सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।

किसानों की इस अनिश्चितता और मुश्किलों के बावजूद, उनकी हिम्मत अभी भी उन मुद्दों को लेकर बरकरार है। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि धान की खरीद में देरी को खत्म किया जाए और निजी व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह समस्या केवल कपूरथला तक सीमित नहीं बल्कि पूरे पंजाब के किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। यदि सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो न केवल किसान बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित होता रहेगा।