कपूरथला जेल से फरार का प्लान: शिवसेना नेता पर हमला, देशद्रोही गतिविधियों में शामिल बंदी!

कपूरथला में हाल ही में हुई एक नाजुक घटना ने पुलिस प्रशासन को एक बार फिर चुनौती दी है। सिविल अस्पताल से जेल में बंद एक आरोपी जश्नप्रीत सिंह के भागने की कोशिश के मामले में कपूरथला की एसएसपी वत्सला गुप्ता ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मंगलवार की दोपहर, पुलिस गार्द ने जश्नप्रीत सिंह को दवा दिलाने के लिए सिविल अस्पताल लाया था। अचानक एक युवक बिना नंबर की बाइक पर आकर हवाई फायरिंग करने लगा और जश्नप्रीत सिंह को बाइक पर बैठाकर फरार हो गया। इस फायरिंग से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

इस घटना के तुरंत बाद, पुलिस गार्द और पीसीआर टीम ने सहयोगी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर दोनों आरोपियों का पीछा कर सब्जी मंडी में पकड़ने में सफलता हासिल की। इस दौरान, एक आरोपी ने पुलिस कर्मी पर पिस्टल की बट से हमला कर उसे घायल कर दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने साहस दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया। जश्नप्रीत सिंह, जो पहले से कई गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है, पिछले साल जून में बटाला में शिवसेना नेता राजीव महाजन पर गोलियां चलाने का आरोपी है।

एसएसपी वत्सला गुप्ता ने बताया कि जश्नप्रीत सिंह ने जेल में रहते हुए अपने एक साथी अमृतपाल सिंह को अवैध हथियार के साथ सिविल अस्पताल बुलाने की योजना बनाई थी। अमृतपाल जब बाइक पर आया, तब जश्नप्रीत ने पुलिस को ठगते हुए उसके पीछे बैठकर भागना चाहा। हालांकि, पुलिस की साहसिकता से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में अमृतपाल की टांग भी बाइक के गिरने से टूट गई थी।

पुलिस ने बताया कि जश्नप्रीत सिंह के खिलाफ पहले से यूएपीए सहित अन्य मामलों में आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। फिलहाल, अमृतपाल सिंह के बारे में भी जांच की जा रही है, ताकि उसके पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड और साजिश का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पास से एक विदेशी ग्लॉक पिस्टल, 12 राउंड कारतूस और जिस बाइक का इस्तेमाल किया गया, वह भी बरामद की गई है।

इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों की परीक्षा ली, बल्कि इस मुद्दे की गंभीरता को भी उजागर किया है कि जेल के अंदर से आरोपी कैसे अपनी साजिश रचते हैं। एसएसपी ने कहा कि वे जेल कनेक्शन के तहत भी आगे की जांच करेंगे। पुलिस कर्मियों की बहादुरी को देखते हुए, एएसपी सरबजीत राय ने घोषणा की कि पीसीआर टीम और गार्द को डीजी डिस्क अवार्ड के लिए नामांकित किया जाएगा। इस प्रेस वार्ता में डीएसपी-डी परमिंदर सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस पूरी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।