अमेरिका में जानलेवा हमले का दावा; आतंकवादी पन्नू का भारत पर आरोप!

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में कनाडाई मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में भारत से अपनी जान को खतरे में होने का दावा किया। पन्नू ने कहा कि भारत सरकार के इशारे पर अमेरिका में उसकी हत्या की साजिश की गई थी। यह बयान उस संदर्भ में आया है जब पंजाबियों के लिए एक अलग देश की मांग करने पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की गई। पन्नू ने स्पष्ट किया कि वह खालिस्तान के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेगा, भले ही भारत उसे धमकाए। हाल ही में, अमेरिका सरकार ने हरियाणा के रेवाड़ी निवासी विकास यादव को इस हत्या की साजिश में शामिल बताया है। विकास यादव पर हत्या के प्रयास और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।

पन्नू ने अपने इंटरव्यू में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की चर्चा की। पहले तो उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा के बयानों में विरोधाभास को उजागर किया। पन्नू का कहना था कि पीएम मोदी ने संसद में कहा था कि जो भारत के खिलाफ जाएगा, उसकी भूमिका के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि वर्मा ने यह कहा कि भारत किसी अन्य देश की धरती पर ऐसे कृत्य नहीं करेगा जो कानून में हस्तक्षेप करे। इसके अलावा, पन्नू ने हत्या की कोशिश में RAW एजेंट निखिल गुप्ता का नाम लिया, जिस पर उन्होंने सबूत भी प्रस्तुत किए हैं।

पंजाबियों के लिए अलग देश की मांग करने पर निज्जर की हत्या के बारे में पन्नू ने कहा कि वह खुद बच गए, लेकिन निज्जर को एक शूटर के माध्यम से मारा गया। पन्नू ने अपने भविष्य के बारे में भी बात की, कहां कि उसकी मौत का समय पहले से तय है, और उसने दृढ़ता से कहा कि वह खालिस्तान के लिए रेफरेंडम जारी रखेगा। पन्नू ने भारत की खुफिया एजेंसियों पर आरोप लगाया कि वे कनाडा और अमेरिका में उसकी हत्या कराना चाहती हैं।

बता दें कि अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने विकास यादव का पोस्टर जारी किया है, जिसमें उसे पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल बताया गया है। यहीं नहीं, FBI ने विकास को RAW का एजेंट भी बताया है। हालांकि, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि विकास निज्जर की हत्या में भी शामिल था, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया।

गुरपतवंत पन्नू को 2020 में आतंकी घोषित किया गया था, जब भारत सरकार ने उसके संगठन SFJ पर बैन लगाया था। पन्नू पर आरोप है कि उसने अलगाववाद को बढ़ावा दिया और युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रेरित किया। उक्त घटनाओं के बीच, पन्नू ने एअर इंडिया में बम विस्फोट की धमकी दी है, जिसमें उसने लोगों को नवंबर के पहले दो हफ्तों के दौरान यात्रा न करने की सलाह दी।

इस प्रकार, पन्नू की गतिविधियां और उसके खालिस्तान आंदोलन के पीछे की राजनीति एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गई हैं, खासकर जब भारत और कनाडा के संबंध तनाव में हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका और पन्नू की गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह मुद्दा न केवल भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है।