लुधियाना के पुलिस कमिश्नर समेत 7 होंगे सम्मानित: वर्धमान ग्रुप ठगी मामले में डीजीपी का पुरस्कार!

पंजाब के लुधियाना में वर्धमान ग्रुप के मालिक एसपी ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी करने वाले शातिर ठगों के खिलाफ लुधियाना पुलिस ने सफल कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में अहम सफलता प्राप्त की है, जिससे ना केवल आम जनता का विश्वास पुलिस पर और भी मजबूत हुआ है, बल्कि यह राज्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस सफल अभियान की सराहना करते हुए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल और साइबर सेल के इंचार्ज जातिंदर सिंह के साथ-साथ अन्य 7 पुलिस कर्मियों को डीजीपी डेस्क से सम्मानित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी लुधियाना पुलिस की प्रशंसा की है।

पुलिस ने इस ठगी के मामले में 5.25 करोड़ रुपये की राशि की रिकवरी की है, साथ ही 3 मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों के 6 एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। डीजीपी ने ट्विटर पर इस मामले की जानकारी साझा की और पुलिस के प्रयासों की प्रशंसा की। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने बताया कि इस मामले में दो मुख्य आरोपियों, अतनु चौधरी और आनंद चौधरी, को असम के गुहाटी जाकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है।ू

पुलिस कमिश्नर ने यह भी जानकारी दी कि इस ठगी में बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। बताया गया है कि लुधियाना पुलिस ने आरोपियों के बैंक अकाउंट नंबर की जांच के माध्यम से उनकी पहचान की। इस जांच में पता चला कि अतनु और आनंद के नाम पर बैंक अकाउंट हैं, जिसके चलते पुलिस दोषियों तक पहुंचने में सफल रही। इसके साथ ही अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और भी विस्तृत किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गुहाटी निवासी निम्मी भट्टाचारियां, पश्चिम बंगाल के अलोक रंगी, गुलाम मनतोजा, संजय सुत्राधार, रिंटू, रूमी कलिता और जाकिर के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लुधियाना पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों को पकड़ने की संभावना है।

यह ठगी केवल वर्धमान ग्रुप के मालिक एसपी ओसवाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि लुधियाना के एक अन्य कारोबारी रजनीश आहूजा से भी करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कई अन्य बड़े कारोबारी को भी अपना निशाना बनाने की योजना बनाई थी। यह मामला न केवल लुधियाना के कारोबारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ठगी के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस की प्रयासशीलता कितनी आवश्यक है। लुधियाना पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से अन्य आपराधिक तत्वों के लिए एक संदेश है कि वे कानून के हाथों से नहीं बच सकते।