हरियाणा शूटर से पंजाब हथियार सप्लायर का कनेक्शन: मुंबई में बाबा सिद्दीकी का मर्डर!

मुंबई में एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का मामला दिन-प्रतिदिन जटिल होता जा रहा है। जांच के दौरान सामने आया है कि हत्या में हरियाणा का शूटर गुरमेल सिंह और पंजाब का जीशान अख्तर शामिल थे। दोनों की मुलाकात कैथल जेल में हुई थी, जहां गुरमेल ने जीशान को अपना गुरु मान लिया। पुलिस ने गुरमेल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जीशान अभी भी फरार है। बताया जा रहा है कि जीशान हथियार सप्लाई करने वाला प्रमुख व्यक्ति है और उसके खिलाफ कलायत में दो मामले दर्ज हैं।

खबरों के मुताबिक, जीशान को 21 अगस्त 2022 को कपूरथला जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर कैथल CIA पुलिस ने लाया था। जेल में उसका और गुरमेल का लगभग 10 महीने तक एक साथ रहना हुआ, जिसके चलते उनकी दोस्ती हो गई। जेल से बाहर आने के बाद जीशान ने गुरमेल के साथ मिलकर मुंबई जाने का निर्णय लिया। उनके खिलाफ हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों के आरोप हैं। कैथल के कलायत थाने में हत्या के प्रयास से संबंधित मामलों की प्रक्रिया चल रही है।

गुरमेल सिंह, जो कि 23 साल का है, कैथल जिले के नरड़ गांव से संबंधित है। साल 2019 में उसने अपने दोस्त के भाई की हत्या की थी, जिसके कारण उसे जेल भेजा गया। लेकिन जेल में रहने के दौरान वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया। जब उसे जमानत मिली, तो वह सीधे मुंबई चला गया। वहीं, जीशान अख्तर, जो कि एक युवा लेकिन खतरनाक अपराधी है, ने भी जेल में रहते हुए लॉरेंस गैंग से संबंध स्थापित कर लिए थे। वह 2022 में गिरफ्तार हुआ और इस साल जून में जेल से बाहर आया।

बाबा सिद्दीकी के साथ घटना 12 अक्टूबर को हुई, जब उन पर गोलियां चलाई गईं। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है और इसमें छह आरोपियों की पहचान की गई है। इन आरोपियों में गुरमेल, जीशान और अन्य शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने गुरमेल और कुछ अन्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जीशान अभी भी फरार है, जिससे पुलिस की चिंता बढ़ गई है।

हत्याकांड की घटना के बाद से जीशान के परिवार के बारे में भी जानकारी सामने आई है। उसका पिता मुहम्मद जमील एक टाइल ठेकेदार हैं और उसके परिवार में एक भाई और एक मृत बहन है। पुलिस का कहना है कि जब जेल में जीशान था, तब उसके पिता उससे मिलने आते थे, जिससे उनकी आपसी संबंध भी मजबूत हुए। ऐसा प्रतीत होता है कि जीशान और गुरमेल की जमानत मिलना और फिर दिल्ली-मुंबई जाना केवल संयोग नहीं था, बल्कि एक योजना के तहत किया गया कदम था।

बाबा सिद्दीकी की हत्या का मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह एक संगठित अपराध की योजना का हिस्सा है। मुंबई पुलिस निकट भविष्य में इस मामले के सभी पहलुओं पर नज़र रखे हुए है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है।