पंजाब की 8 पंचायतों में फिर चुनाव: DC की रिपोर्ट पर इलेक्शन कमीशन का बड़ा फैसला!

पंजाब में मंगलवार को हुए पंचायत चुनावों के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और अन्य असुविधाएं देखने को मिलीं। इस संबंध में जिलों के डिप्टी कमिश्नर द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने चार जिलों की आठ पंचायतों में चुनाव दोबारा कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, नई चुनाव की तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है, लेकिन इस मामले पर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

जिन पंचायतों में दोबारा चुनाव होंगे, उनमें मानसा, फिरोजपुर, मोगा और पटियाला जिले की पंचायतें शामिल हैं। चुनाव आयोग की जानकारी के अनुसार, मानसा जिले की पंचायत मानसा खुर्द में सरपंच और पांच पदों का चुनाव दोबारा कराया जाएगा। इसके अलावा, फिरोजपुर के गांव लोहके खुर्द की पंचायत में भी नए सिरे से मतदान होगा। मोगा जिले की पंचायत कोटला मेहर सिंह वाला के पोलिंग बूथ नंबर 118 और 119 पर भी दोबारा मतदान का आदेश दिया गया है। इसी प्रकार, पटियाला जिले के खुड्‌डा, खेती राजू और करीम नगर गांवों में भी चुनाव की प्रक्रिया पुनः शुरू की जाएगी।

इस चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते चुनाव आयोग ने गांव पंचायत लखमीर के उत्तर और ब्लॉक मदमोट, फिरोजपुर का चुनाव रद्द करने का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटिंग के दौरान मतदाताओं को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, कुछ उम्मीदवारों की असामयिक मृत्यु के कारण दो पंचायतों के चुनाव को स्थगित करने का निर्णय भी लिया गया है। इनमें लंगोमहल ब्लॉक रामदास और पंचायत कल्लू सोहल ब्लॉक काहनुवान शामिल हैं।

पंजाब राज्य में कुल 13,937 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 3,798 सरपंच पहले ही निर्विरोध चुने गए थे। जबकि 48,861 पंच भी बिना मतदान के घोषित किए गए हैं। इसके अलावा, 25,588 सरपंच पद और 80,598 पंच पद के लिए मतदान किया गया। चुनाव प्रक्रिया बैलेट पेपर के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें मतदाताओं ने अपनी पसंद के प्रत्याशियों का चयन किया।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया को चुनौती भरा बना दिया है, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदम निश्चित रूप से चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने में मददगार साबित होंगे। अब सभी की निगाहें दोबारा चुनाव की तारीख पर हैं, जिसे जल्द ही घोषित किया जाएगा। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का पालन किया जाए।