फाजिल्का: पाकिस्तानी ड्रोन पर BSF की गोलीबारी, तीन घंटे का सर्च ऑपरेशन शुरू!

फाजिल्का जिले के जलालाबाद के आसपास के भारत-पाकिस्तान सीमाई क्षेत्र में बुधवार को ड्रोन की गतिविधियों की सूचना मिली। जैसे ही बीएसएफ के जवानों को इस ड्रोन की मौजूदगी का पता चला, उन्होंने तुरंत फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद, सुरक्षा कारणों से लगभग तीन किलोमीटर का क्षेत्र सील कर दिया गया। बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने घटना के बाद इलाके में तीन घंटे तक खोजी अभियान चलाया लेकिन इस दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अपने खुफिया स्रोतों को सक्रिय किया है।

जलालाबाद सदर थाने के एसएचओ परमजीत सिंह के अनुसार, ड्रोन की गतिविधि बीओपी जोधा भैनी के आसपास देखी गई। जब बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन की उड़ान देखी, तो उन्होंने तात्कालिक कार्रवाई करते हुए चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी फौरन अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया और खोजी अभियान प्रारंभ किया। हालांकि, तीन घंटे की जाँच के बावजूद मामले में कोई ठोस सबूत प्राप्त नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय करने का निर्णय लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन की गतिविधि का उद्देश्य क्या था।

यह ध्यान देने योग्य है कि एक दिन पहले इस सीमाई क्षेत्र में एक और गंभीर घटना हुई थी जब बीओपी बहादुर के माध्यम से ड्रोन के जरिए RDX भेजा गया था। यह मामला उन गतिविधियों से संबंधित है जो कि सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय हैं। फाजिल्का के स्टेट स्पेशल सेल द्वारा इस मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश की सीमा पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा उल्लंघन को रोका जा सके।

सामान्यत: ऐसी घटनाएं सीमाई इलाकों में सुरक्षा स्थिति को चुनौती देती हैं। बीएसएफ ने हाल के दिनों में ड्रोन द्वारा होने वाली गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो कि सीमा पार से आंतकवादी संगठनों की संभावना को दर्शाती है। अब देखना यह है कि इस प्रकार की आंतकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।