लुधियाना: बच्चे को बस ने कुचला, खेलते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा; चालक लापता!

पंजाब के लुधियाना में एक दुखद घटना में, 4 साल के एक बच्चे को तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने कुचल दिया। यह घटना बीती रात तब हुई जब बच्चा अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था। सूचना के अनुसार, ऋषभ नाम के इस बच्चे का सिर बुरी तरह से फट गया, जिसका परिणामस्वरूप उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाग रहे बस चालक को पकड़ लिया। ऋषभ अपने परिवार का इकलौता बच्चा था, और उसकी मां निशा ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि वे बचन मार्केट में रिश्तेदारों से मिलने गई थीं।

घटना की जानकारी अनुसार, ऋषभ स्कूटी के पास दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। अचानक तेज रफ्तार बस ने स्कूटी को टक्कर मारी, जिससे ऋषभ नीचे गिर गया। इसके बाद पास से गुजर रहे एक ट्रक ने उसे टक्कर दी, जिससे उसका सिर बस के पहिए के नीचे आ गया। इस भीषण नज़ारे को देखते ही लोग इकट्ठा हो गए और बस चालक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। निशा ने कहा कि उनकी शादी को 7 साल हो चुके थे, और वह अपने इकलौते बेटे को देखकर बहुत खुश थीं।

ऋषभ के पिता संजीव कुमार ने दुख प्रकट करते हुए बताया कि उनका पुत्र घर के बाहर एक्टिवा पर खेल रहा था जब यह हादसा हुआ। संजीव ने घृणित घटना को याद करते हुए कहा कि एक पल में बच्चा उनसे छिन गया। वह बिहार के दरभंगा जिले के अतरबेल गांव के मूल निवासी हैं और पिछले आठ वर्षों से लुधियाना में रह रहे थे। पिछले कुछ दिनों बाद ऋषभ का जन्मदिन आने वाला था, जिससे परिवार की पीड़ा और भी बढ़ गई है।

स्थान पर पहुंची थाना हैबोवाल की पुलिस ने बस और उसके चालक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी कांस्टेबल गगनदीप सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। इस दुर्घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को भी शोक की लहर में डुबो दिया है। ऋषभ की मां का रोना और मानसिक स्थिति अत्यंत गंभीर है, जिसे सुनकर हर कोई दुखी है।

इस घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उठाया है। इसे देखते हुए स्थानीय अधिकारियों को इस ट्रagic घटना से सबक लेते हुए प्राइवेट बसों के संचालन को लेकर सख्त नियमों को लागू करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बच्चों और परिवारों को सुरक्षित रखा जा सके।