पंजाब के लुधियाना जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गुरुद्वारा नानकसर ठाठ साहिब में कीर्तन कर रहे एक बाबा के खिलाफ अश्लील हरकतों का आरोप लगा है। बाबा जसबीर सिंह जस्सी पर आरोप है कि उन्होंने एक किशोर के साथ अनुचित व्यवहार किया और इस घिनौने कृत्य की वीडियो भी बनाई। पुलिस ने तात्कालिक कार्रवाई करते हुए जगराओं पुलिस थाने में इस मामले की शिकायत मिलने के बाद बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसने अन्य बच्चों के साथ भी इस प्रकार की हरकतें की हैं।
पुलिस अधिकारी अमृतपाल सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित किशोर ने घटनाक्रम का खुलासा किया, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब वह छठी कक्षा में पढ़ता था, तब जस्सी बाबा ने उसे प्रसाद देने के बहाने अपने कमरे में बुलाया। वहां उसने उसके कपड़े उतारकर अभद्रता की और गुप्तांगों के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। इस दौरान उसने यह भी धमकी दी कि अगर किशोर ने किसी को इस घटना के बारे में बताया, तो उसकी वीडियो वायरल कर देने की बात कही।
टिप्पणी करते हुए स्थानीय सिख नेता अमृतपाल ने कहा कि यह घटना केवल एक बच्चे के साथ नहीं हुई, बल्कि अन्य बच्चों के साथ भी ऐसे घिनौने कृत्य किए जाने का पता चला है। उनके अनुसार, दो बच्चे अब भी लापता हैं और यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनका यह भी कहना है कि सिख समुदाय को ऐसे बाबाओं पर विश्वास नहीं करना चाहिए और पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने एसएसपी जगराओं से मांग की है कि जस्सी पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए और डेरे में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई जाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अमृतपाल ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कार्रवाई में ढील दी गई, तो सिख संगत के साथ मिलकर बड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारा नानकसर में बाबा की गंदी हरकतों की वीडियो भी सामने आ चुकी है, जिससे सभी की आंखें खुल जानी चाहिए। ऐसे में प्रबंधकीय कमेटी को भी चाहिए कि वह इस मामले में कड़ा कदम उठाए और अपराधियों को बचाने का कोई प्रयास न करें।
इस घटना ने न केवल स्थानीय सिख समाज को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे देश में अश्लीलता और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गहराई से चर्चा की शुरूआत कर दी है। लोगों ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके। इस मामले ने दिखा दिया है कि समाज में कुछ ऐसे तत्व हैं, जो न केवल धार्मिक स्थलों का अपमान कर रहे हैं, बल्कि बच्चों की मासूमियत के साथ भी खेल रहे हैं।