लुधियाना में ड्रग तस्करों की 64.03 करोड़ की संपत्ति जब्त, 44 मामलों में कार्यवाही शुरू!

पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में 64.03 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई विभिन्न नशा तस्करी मामलों के तहत की गई है, जिसमें आरोपियों की रिहायशी मकान, व्यावसायिक संपत्तियां, कृषि भूमि और वाहन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने नशा तस्करी के 10 नए मामलों में 14.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की योजना बनाई है। पुलिस आयुक्त कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि इन मामलों को दिल्ली में संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर संपत्ति जब्त करने की अनुमति मांगी जा रही है।

पुलिस ने 2019 से 2024 के बीच दर्ज 54 मामलों का मूल्यांकन करते हुए उन मामलों में कार्रवाई की है, जहाँ ड्रग तस्करों ने बड़ी मात्रा में संपत्तियां अर्जित की हैं। अब तक 54 मामलों में से 44 मामलों में संपत्ति को जब्त किया जा चुका है, जिनकी कुल कीमत 64.03 करोड़ रुपये आंकी गई है। जब्त संपत्तियों में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां, कृषि भूमि, और विभिन्न प्रकार के वाहन शामिल हैं। इस दौरान पुलिस ने 10 अन्य मामलों में 14.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब्ती प्रक्रिया में समाज को यह संदेश दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशा और उससे संबंधित गतिविधियों में संलिप्त होना गंभीर परिणाम ला सकता है। ऐसे मामलों में, पुलिस संपत्तियों पर जब्ती के आदेश चिपका देती है, ताकि अपराधियों को यह समझ में आए कि उनके अवैध क्रियाकलापों के परिणाम क्या हो सकते हैं। नशा तस्करों के खिलाफ इस कार्रवाई में, अमृतराज सिंह उर्फ ​​अमृतपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से हेरोइन और अवैध हथियार बरामद हुए थे। उसकी 6.44 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई जिसमें दो आवासीय संपत्तियां, एक एसयूवी और तीन मोटरसाइकिलें शामिल थीं।

यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि इससे समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी। पुलिस के इस प्रयास से उम्मीद है कि अवैध नशीली दवाओं के व्यापार पर असर पड़ेगा और लोग इस गंभीर मुद्दे पर सजग होंगे। लुधियाना पुलिस इस दिशा में लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी ऐसे कई मामले सुलझाने का इरादा रखती है। इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल तस्करों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता को भी इस परिस्थितियों से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।