पंजाब के जालंधर में डीजीपी गौरव यादव ने आज अचानक थाना रामामंडी का दौरा किया। यह निरीक्षण पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत उन्होंने थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से बातें की और वहां चल रहे मामलों की जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण के दौरान, गौरव यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की ढिलाई या कोताही बरतने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जैसे ही डीजीपी गौरव यादव के जालंधर पहुंचने की सूचना मिली, पूरे जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जब वह रामामंडी थाने पहुंचे, तो वहां पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा, जेसीपी संदीप शर्मा, डीसीपी आदित्य, एसीपी निर्मल सिंह जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकारी भी मौजूद थे। गौरव यादव ने थाने में लगभग आधा घंटा गुजारा और इस दौरान पुलिस द्वारा नागरिकों से की जा रही बातचीत को भी सुना।
इससे पहले, डीजीपी ने लुधियाना में भी निरीक्षण किया था, जहां उन्होंने उद्योगपतियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक के दौरान, उन्होंने उद्योग जगत से फीडबैक लिया और पंजाब में निरंतर अपराध को नियंत्रित करने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। गौरव यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब में जल्द ही 10,000 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाने वाली है, जो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी।
लुधियाना में निरीक्षण के दौरान, डीजीपी ने यह भी बताया कि हाल ही में 14 नई पीसीआर वाहन रवाना की गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में पंजाब के विभिन्न जिलों को और भी नई गाड़ियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है कि पुलिस तंत्र अधिक प्रभावी और त्वरित सेवा प्रदान कर सके।
गौरव यादव का यह दौरा न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह पुलिस और नागरिकों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। इस तरह के निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि यह नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देगा कि उनके सुरक्षा प्रहरी उनके लिए तत्पर हैं। इस प्रकार की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि पंजाब में अपराध की दर में कमी आएगी और आम जनता के मन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।