टंडवा के जंगलों में बाघ होने की आशंका, एक सप्ताह में आधा दर्जन मवेशियों को मार डाला

टंडवा के जंगलों में बाघ होने की आशंका, एक सप्ताह में आधा दर्जन मवेशियों को मार डाला

चतरा, 10 अक्टूबर (हि.स.)।टंडवा प्रक्षेत्र के जंगलों में बाघ होने की आशंका है, जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। एक सप्ताह पूर्व खुंखार जानवर के द्वारा टंडवा-बालुमाथ के सीमांत पर स्थित मिश्रौल पंचायत के मारंगलोईया गांव में चार मवेशियों पर हमला किया था। जिसके बाद गुरूवार को पदमपुर पंचायत के लेम्बुआ गांव के सीमांत जंगल में चरने के गये चार मवेशियों पर जंगली जानवर के द्वारा हमला कर दिया। जिसमें सभी मवेशियों की मौत हो गई। सभी मवेशी गांव के मोहन राणा, मोहानी साव एवं राजेंद्र भुईयां के हैं।

दरअसल हर रोज की भांति गुरूवार दोपहर सभी मवेशियों को चराने के लिए पास के जंगल में लेकर गये थे। जहां जंगल में ही अचानक सभी मवेशियों पर उक्त जानवर ने हमला किया। इस बीच जब देर तक जानवर जंगल से बाहर नहीं निकले तो लोगों ने जंगल में खोजबीन शुरू की। जहां सभी जानवरों को क्षत-विक्षत हालत में मृत पाया। हमले को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह हमला बाघ जैसे आदमखोर जानवर ने ही किया है। घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। लोग वन‌ विभाग की ओर मदद की आस लगाए हैं लेकिन वन विभाग की ओर से बाघ की पहचान व भगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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