अबोहर: युवक की जहर खाने से मौत, बठिंडा एम्स में भर्ती, भाई ने बताया शराबी था!

अभी हाल ही में अबोहर के बजीतपुर भोमा क्षेत्र से एक heartbreaking घटना सामने आई है, जब एक युवक ने शराब के नशे में कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। यह घटना मंगलवार सुबह हुई और इसके बाद युवक को गंभीर हालत में बठिंडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ आज सुबह उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय मलकीत सिंह के रूप में की गई है, जो अविवाहित था और एक चिनाई मिस्त्री के रूप में काम करता था।

मलकीत सिंह का परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। उसके भाई बलविंदर ने बताया कि मलकीत अक्सर शराब का सेवन करता था और वह उसके साथ ही रहता था। मंगलवार सुबह, किसी अज्ञात कारणों से मलकीत ने खेत में कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार ने तुरंत उसे सीतो के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बठिंडा के एम्स अस्पताल रेफर कर दिया। बठिंडा में इलाज के दौरान उसकी स्थिति बिगड़ती गई, और सुबह के समय इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

मृतक के शव को अबोहर के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है, जहाँ पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई की है। एएसआई लखविंदर सिंह ने बलविंदर और मलकीत के चचेरे भाई जगसीर के बयान पर आधारित होकर बीएनएस कानून की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है। ये धारा उन मामलों में लागू होती है जिसमें आत्महत्या या संदिग्ध मृत्यु के पीछे की परिस्थितियों की जांच की जाती है।

इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। घरेलू विवादों या व्यक्तिगत समस्याओं के चलते युवा पीढ़ी में आत्महत्या का प्रवृत्ति बढ़ गई है, जो चिंताजनक है। अपने प्रियजनों को खोना न केवल परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा नुकसान होता है। ऐसे में शराब और दवाओं का सेवन करने के खतरे को समझना और इस पर उचित नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक है। परिवार और अधिकारियों का ध्यान इस ओर होना चाहिए कि कैसे ऐसे मामलों में युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस घटना पर विचार करते हुए, हमें यह समझना चाहिए कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान देना आवश्यक है। अनियंत्रित शराब का सेवन और नशीली दवाओं का उपयोग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाना और सही मार्गदर्शन से ही समाज को इस दिशा में आगे बढ़ाना संभव होगा।