हाल ही में एक बहरुपिये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह श्री गुरु नानक देव जी का रूप धारण करके लोगों से माथा टेकवा रहा है। इस वीडियो को लेकर चर्चा का विषय बन गया है और इसे लेकर निंदा भी की जा रही है। पहले तो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इस कृत्य की आलोचना की और अब एक प्रमुख सिख सामाजिक कार्यकर्ता ने इस मामले में उचित कार्रवाई के लिए संबंधित प्रशासन से शिकायत की है।
पंजाब बीसी सेल के अध्यक्ष और सिख समाज के क्रियाशील सदस्य सरबजीत सिंह सोनू जंडियाला ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति ने श्री गुरु नानक देव जी के रूप में खुद को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बहरुपिये ने बाबा नानक का चोला पहना हुआ है और वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब के बराबर बैठा है, जो कि सिख धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, सोशल वर्कर ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है, जिसमें बहरुपिये के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
सरबजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के कृत्यों से सिख समुदाय को गहरी ठेस पहुंचती है और यह धार्मिक संबद्धता को कमजोर करता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि यदि इस मामले में तत्परता से कार्रवाई नहीं की गई तो वे संघर्ष के लिए भी तैयार रहेंगे। वीडियो की व्यापक पहुंच ने इसे गंभीरता से उठाने के लिए प्रेरित किया है, और अगर यह घटना पंजाब में हुई होती, तो पंजाबियों की ओर से तत्काल रुख अपनाने की उम्मीद जताई गई है।
इसी बीच, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी इस मामले की सख्त निंदा की है। उनका मानना है कि इस तरह की हरकतें समाज में अव्यवस्था पैदा करती हैं और सिख धर्म की पवित्रता को हानि पहुंचाती हैं। ज्ञानी ने इस तरह के बहरुपियों के कृत्यों को समाज के लिए खतरा बताया और कहा कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार के घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति न हो।
इस पूरे मामले ने सिख समुदाय में चिंता उत्पन्न की है और यह एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। लोगों का मानना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और इस प्रकार के बहरुपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इस घटना के बाद, समाज में एक नई जागरूकता फैल रही है, जिसमें लोग इस तरह के मामलों पर ध्यान रखने और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।