बरनाला: सांसद के घर के बाहर आउटसोर्स कर्मचारियों का नाराजगी भरा प्रदर्शन!

पंजाब के बरनाला में आज कई सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स और एनलिस्टमेंट कर्मचारियों ने आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर के आवास के सामने एक जबरदस्त प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। न केवल यह, बल्कि उन्होंने शहर भर में रोष मार्च भी निकाला, जिससे उनकी नाराजगी और भी स्पष्ट हो गई। ठेका मुलाजिमों ने विभिन्न चौकों पर आकर पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की, जिससे उनके मुद्दों की गंभीरता को दर्शाया गया।

इस आंदोलन के दौरान ठेका मुलाजम संघर्ष मोर्चा पंजाब के नेता वरिंदर सिंह मोमी, बलिहार सिंह, शेर सिंह खन्ना, संदीप सिंह और सतगुरु सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और कर्मचारी महंगाई एवं बेरोजगारी के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार ने पिछली सरकारों का विकल्प बनने का दावा तो किया था, लेकिन वह उनसे भी पीछे हट चुकी है। सरकारी संस्थाओं को कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करके अंधाधुंध लूट का खेल खड़ा किया जा रहा है, जिससे जनसेवा का उद्देश्य पूरी तरह से धूमिल हो गया है।

कर्मचारियों की विभिन्न मांगों में शामिल है कि आउटसोर्स और भर्ती के तहत काम कर रहे अनुबंध कर्मचारियों की समस्याएं हल की जाएं। उनके अनुसार, लंबे समय से ये मांगें अधूरी हैं। उन्होंने प्रमुख रूप से यह मांग की कि सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए, न्यूनतम वेतन कानून के अनुसार जीने लायक वेतन प्रदान किया जाए, ठेका कर्मचारियों को संबंधित विभागों में शामिल किया जाए और समान काम के लिए समान वेतन की व्यवस्था की जाए। साथ ही, सरकारी विभागों में निजीकरण समाप्त करने की आवश्यकता भी उठाई गई है।

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि पिछले ढाई साल से मुख्यमंत्री बार-बार मीटिंग का समय देकर वापस मुकर जाते हैं। जालंधर उप चुनाव के दौरान उन्होंने ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर ध्यान देने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम उठाया नहीं गया है। मोर्चा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस पहल में कर्मचारियों की एकता एवं दृढ़ता ने दिखाया है कि वे अपनी हक की लड़ाई के प्रति कितने गंभीर हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राज्य सरकार इनके मुद्दों को गंभीरता से लेगी या फिर इनकी आवाज को अनसुना करने का सिलसिला चलता रहेगा। वर्तमान हालात में यह ज़रूरी है कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करके उन्हें उचित न्याय दे, ताकि वे अपना काम सही तरीके से कर सकें और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें।