मोहाली में DAP की कालाबाजारी पर DC का हल्ला बोल, डीलरों के स्टॉक की जांच के आदेश!

पंजाब के मोहाली में डीएपी और अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी, मनमानी कीमतों की वसूली तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए मोहाली की डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में डीएपी उर्वरक से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संदर्भ में जिला कृषि अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न उर्वरक डीलरों के स्टॉकों का नियमित निरीक्षण करें।

डिप्टी कमिश्नर ने उर्वरक डीलरों को यह भी बताया कि उन्हें चाहिए कि वे अपने स्टॉक की जानकारी को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें। सभी उर्वरक डीलरों को अपने स्टॉक के बारे में दैनिक रूप से सूचना सार्वजनिक नोटिस बोर्ड पर लगाने का आदेश दिया गया है। विभिन्न अध्ययनों और स्थितियों का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है ताकि किसानों को सही मात्रा में और उचित कीमत पर उर्वरक मिल सके।

किसानों से अधिक कीमत की वसूली या डीएपी के साथ अन्य सामग्रियों की बिक्री के मामले में सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने यह उल्लेख किया कि वर्तमान में जिले में 3033 मीट्रिक टन वैकल्पिक उर्वरक उपलब्ध हैं, जिनमें सिंगल सुपर फॉस्फेट और अन्य एनपीके फॉर्मुलेशन शामिल हैं। ये वैकल्पिक उर्वरक न केवल प्रभावी हैं, बल्कि किसानों के लिए एक सही विकल्प भी साबित हो सकते हैं।

आशिका जैन ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे इन वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं और इस संदर्भ में मृदा वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों का भी पालन कर सकते हैं। उनका कहना है कि यदि किसान सही दिशा में काम करें और वैज्ञानिक विधियों का अनुसरण करें, तो उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस प्रकार के ठोस कदम उठाने से न केवल कृषि क्षेत्र में सुधार आएगा, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा।

इन निर्देशों का उद्देश्य किसानों को एक सुरक्षित और पारदर्शी बिक्री प्रणाली मुहैया कराना है, जिससे वे उचित एवं समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकें। मोहाली जिला प्रशासन का यह प्रयास निश्चित रूप से कृषि विकास में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा और उर्वरक बाजार में पारदर्शिता को सुनिश्चित करेगा।