देवउठनी एकादशी पर कल से फिर गूंजेगी शहनाई, शुरू होंगे मांगलिक कार्य, शादियों की रहेगी धूम

देवउठनी एकादशी पर कल से फिर गूंजेगी शहनाई, शुरू होंगे मांगलिक कार्य, शादियों की रहेगी धूम

जोधपुर, 11 नवम्बर (हि.स.)। कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी पर मंगलवार से एक बार फिर से शादी ब्याह की शहनाई की गूंज सुनाई देगी। चार महीने बाद भगवान श्री हरि विष्णु मंगलवार को योग निद्रा से जागेंगे। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम भी हट जाएगा। देव उठनी एकादशी से तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ मांगलिक कार्यों और शादी-ब्याह का दौर फिर से शुरू हो जाएगा और शहनाइयां गूंजेगी।

देवउठनी एकादशी का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा और इस दिन तुलसी-शालिग्राम विवाह के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। चार महीने तक भगवान विष्णु के विश्राम के कारण विवाह जैसे कार्य वर्जित रहे। अब 12 नवंबर से विवाह मुहूर्तों की शुरुआत होगी, लेकिन 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होगी, जो 15 जनवरी 2025 तक चलेगा। देवउठनी एकादशी के बाद करीब 123 दिन के विराम के बाद मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। चार माह के बाद बड़ा सावा होने से इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होंगी। इसके लिए मैरिज होम, पंडित, पार्लर, हलवाई, कैटर्स सभी पहले ही बुक हो चुके है।

16 दिसंबर से वापस लगेगा विराम

देवउठनी एकादशी का पर्व 12 नवंबर को रहेगा। इस दिन घरों में देव उठाए जाएंगे। नवंबर और दिसंबर के पहले पखवाड़े में लग्न मुहूर्त अधिक रहेंगे। इसके बाद 16 दिसंबर से सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी, जो 15 जनवरी 2025 मकर संक्रांति तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त होगा और फिर से लग्न मुहूर्त की शुरुआत हो जाएगी।

सामूहिक विवाह सम्मेलनों की रहेगी धूम

देव उठनी एकादशी को अबूझ मुहुर्त होने के कारण सामूहिक विवाह आयोजनों की धूम रहेगी। पीपा, बसेटा सहित विभिन्न समाजों की ओर से सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे। इसको लेकर मैरिज हॉल, सामाजिक नोहरें, बैंड, हलवाई आदि की बुङ्क्षकग हो चुकी है।

बसेटा विकास सेवा समिति जोधपुर के तत्वावधान में बसेटा समाज का 16वां सामूहिक विवाह समारोह 12 नवंबर को गांधी मैदान में आयोजित होगा। समिति के सचिव व संस्थापक ओमप्रकाश बामणिया ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह में 15 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। यह जोड़े जोधपुर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों व गुजरात व महाराष्ट्र राज्य से है। आयोजन के लिए विभिन्न कार्य समितियों का गठन कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई है। वहींश्री समस्त पीपा क्षत्रिय समाज का 21वां सामूहिक विवाह समारोह राधाकृष्णन पुरम योजना प्रशासनिक भवन के सामने लहरिया रिसोर्ट के पास आयोजित होगा।

श्री समस्त पीपा क्षत्रिय न्याति ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रकाश चावड़ा तथा सचिव नरेश सोलंकी ने बताया कि न्याति के तत्वावधान में यह 21वां सामूहिक विवाह समारोह है। इस बार 34 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसी कड़ी में सोमवार को सुबह समाज के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में गणेश स्थापना तथा पूजन किया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल गोयल व उपाध्यक्ष लिखमाराम परिहार ने बताया कि सामूहिक विवाह की पत्रिका का घर घर जाकर वितरण कर दिया गया है। बारात 12 नवंबर को सुबह 9 बाबा रामदेव रिसोर्ट से गाजे-बाजे के साथ रवाना होगी। उप सचिव अनोपचन्द चावड़ा ने बताया कि वरमाला की रस्म के बाद पाणिग्रहण संस्कार का आयोजन होगा। शाम सवा चार बजे वर-वधू को समारोहपूर्वक विदाई दी जाएगी।