पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने फतेहगढ़ साहिब में हाल ही में सम्पन्न हुए एक विशेष समारोह में नए बने पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण समारोह माधोपुर खेल स्टेडियम में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के 2456 पंचों ने हिस्सा लिया। समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे, जिनमें फतेहगढ़ साहिब से विधायक एडवोकेट लखवीर सिंह राय, बस्सी पठाना के विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी और अमलोह के विधायक गुरिंदर सिंह गैरी वडिंग शामिल थे। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य पंचायत सदस्यों को उनके कर्तव्यों के प्रति सजग करना और पंचायत प्रणाली के महत्व को उजागर करना था।
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने इस अवसर पर कहा कि पंजाब में आजादी के बाद पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत लोगों ने सर्वसम्मति से तीन हजार से अधिक पंचायतों का चुनाव किया है। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रदेश में जन भागीदारी बढ़ी है और नागरिकों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पंचायतों के चुनाव में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि यह सब मुख्यमंत्री भगवंत मान की विकास पक्षीय सोच का परिणाम है। मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि मुख्यमंत्री ने जो वादा किया था कि सर्वसम्मति से चुनी गई पंचायतों को 5 लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी, वह जल्दी ही लागू की जाएगी। इसके लिये सरकार आवश्यक फंड्स का प्रबंध कर रही है।
सौंध ने नए पंचों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समारोह में उन्हें शपथ दिलाई गई है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी से करेंगे। उन्होंने पंचों को याद दिलाया कि उन्हें अपने गांवों के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा। पांबजाब सरकार ने पंचायतों को विकास के अवसर प्रदान करने का संकल्प लिया है, जिसमें राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर गांवों की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ग्रांटों की कमी नहीं होने देगी और प्रत्येक पंचायत को विकास कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
समारोह का उद्देश्य पंचायतों के सदस्यों को प्रेरित करना और उन्हें विकास के प्रति संवेदनशील बनाना था। मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने पंचायत सदस्यों से अपील की कि वे गांवों में पारिश्रमिक और सामाजिक न्याय की दिशा में काम करें। इस तरह के इनिशिएटिव से न केवल ग्रामीण विकास में तेजी आएगी, बल्कि इससे ग्रामीणों में प्रशासन की प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। इस प्रकार, यह समारोह न केवल पंचायत चुनावों की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि राज्य सरकार की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होता है।