पंजाब की डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर उप चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव प्रचार खत्म होने में कुछ ही समय残ा है, ऐसे में बीती रात गांव बख्शीवाल में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार गुरदीप सिंह रंधावा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के उम्मीदवार लवप्रीत सिंह तूफान ने एक घर से 44 पेटियां अवैध शराब की बरामदगी की। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि गांव बख्शीवाल के पूर्व सरपंच गुरदियाल सिंह कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं, और यह शराब उनकी ओर से चुनावी लाभ के लिए लाए जाने का संदेह है।
गुरदीप सिंह रंधावा और लवप्रीत सिंह तूफान को सूचना मिली थी कि पूर्व सरपंच ने शराब को एक वाहन में लाकर कुलदीप सिंह के घर पर रखा था। इसके बाद उन्होंने मौके पर कलानौर पुलिस को बुलाया और शराब को उनके हवाले किया। इस मामले में पुलिस ने गुरदियाल सिंह और कुलदीप सिंह पर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की है, और अब उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
उक्त घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह शराब वोटो को खरीदने के उद्देश्य से रखी गई थी। गाड़ी से प्राप्त कांग्रेस पार्टी के पोस्टर और चुनाव से संबंधित बाम हासिल करते हुए उम्मीदवारों ने खुलासा किया कि यह सब कांग्रेस पार्टी की योजना का हिस्सा है। उनके अनुसार, यह शराब वोटरों के बीच बांटने के प्रयास के तहत एकत्रित की गई थी। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों आरोपी अब फरार हैं, और पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इस मामले के बारे में अधिक जानकारी देते हुए डीएसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन ये अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और पुलिस इस पर त्वरित कार्रवाई कर रही है।
यह घटना बताती है कि पंजाब राज्य में चुनावी परिस्थितियां कितनी तनावपूर्ण हैं, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अवैध शराब का उपयोग करना न केवल अवैध है बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरा है। इस स्थिति ने पंजाब में चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है, और चुनाव आयोग की ओर से भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। सभी राजनैतिक दल और उनके उम्मीदवार अब चुनावी प्रक्रिया के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एकजुटता दिखाएंगे।