लुधियाना के जगराओं में एक दुखद घटना घटी, जब एक 9 वर्षीय बच्चा ट्यूशन के बाद घर लौटते समय कुत्ते के हमले का शिकार हो गया। बच्चे का नाम राजबीर बताया जा रहा है, जो टिब्बा रोड का निवासी है। उसने अपनी पढ़ाई के बाद ट्यूशन पढ़ने का निर्णय लिया था, लेकिन लौटते समय उसकी खुशियाँ एक कुत्ते के अचानक हमले से चुराई गईं। कुत्ते ने बच्चे के गाल को बुरी तरह से जख्मी कर दिया, जिससे बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग उसकी मदद के लिए दौड़ पड़े।
घटना के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए आस-पास के निवासियों ने बच्चे को तत्काल कुत्ते के गिरफ्त से निकाल लिया। इस बीच, जैसे ही इस हमले की सूचना बच्चे के परिवार को मिली, उसके पिता सोनू, जो एक साइकिल मैकेनिक हैं, अपने बेटे को लेकर सामुदायिक अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति को स्थिर बताया, लेकिन उसके चेहरे पर आए जख्म ने उसके पिता की चिंता को बढ़ा दिया है।
सोनू ने बताया कि उनका बेटा सामान्यतः बहुत खुशमिजाज और चंचल था, लेकिन इस घटना के बाद से वह इतना सहमा हुआ है कि न तो बोल रहा है और न ही कुछ खा-पी रहा है। यह स्थिती न केवल बच्चे के लिए बल्कि उसके परिवार के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। बच्चे के पिता ने यह भी कहा कि वह हमेशा अपने बेटे को स्कूल और ट्यूशन भेजने में सतर्क रहते थे, लेकिन इस घटना ने उन्हें अति सावधान कर दिया है।
समाज में कुत्तों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएँ अब आम होती जा रहीं हैं, जो लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न उठाती हैं। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से कुत्तों के नियंत्रण के लिए उचित उपाय करने की अपील की है। इसके अलावा, माता-पिता ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर से बाहर खेलने और ट्यूशन जाने के समय सतर्क रहने की सलाह दी है।
किसी भी परिस्थिति में बच्चों को असुरक्षित नहीं छोड़ना चाहिए, यह संदेश समाज के सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चे की इस त्रासदी ने सभी को याद दिलाया है कि सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। उम्मीद है कि राजबीर जल्द ही अपने जख्मों से ठीक होकर अपने सामान्य जीवन में लौट पाएगा।